
देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय परिसरों और सम्बद्ध निजी मेडिकल कॉलेजों में BAMS, BHMS, BUMS तथा MD/MS (आयुर्वेद) की रिक्त सीटों पर विश्वविद्यालय स्तर पर केंद्रीकृत काउंसलिंग (Centralized Counselling) आयोजित करने की घोषणा की है। यह प्रवेश प्रक्रिया राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) और संबंधित नियामक निकायों के निर्देशों के तहत पूरी की जाएगी।
1. परिसरों और सम्बद्ध कॉलेजों में स्वीकृत सीटों की सूची
विश्वविद्यालय के कुलसचिव शिव प्रसाद बरनवाल ने विभिन्न परिसरों व सम्बद्ध निजी कॉलेजों में स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) की स्वीकृत सीटों का आधिकारिक ब्योरा साझा किया है:
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ऋषिकुल परिसर, हरिद्वार: UG – 75 सीटें
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गुरुकुल परिसर, हरिद्वार: UG – 69 सीटें | PG – 75 सीटें
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आयुर्वेद संकाय (मुख्य परिसर, हर्रावाला, देहरादून): UG – 15 सीटें | PG – 75 सीटें
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पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, हरिद्वार: UG – 65 सीटें | PG – 68 सीटें
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हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, देहरादून: UG – 51 सीटें | PG – 59 सीटें
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क्वाड्रा इंस्टीट्यूट, रुड़की: PG – 15 सीटें | अन्य पाठ्यक्रम – 21 सीटें
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उत्तरांचल मेडिकल कॉलेज, प्रेमनगर, देहरादून: UG – 90 सीटें
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बीहाइव आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज, देहरादून: UG – 54 सीटें
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कोर मेडिकल कॉलेज, रुड़की: UG – 54 सीटें
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सूरजमल मेडिकल कॉलेज, किच्छा (ऊधमसिंह नगर): UG – 54 सीटें
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देवभूमि मेडिकल कॉलेज, देहरादून: UG – 49 सीटें
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दून इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, देहरादून: UG – 48 सीटें
2. दो प्रमुख संस्थानों में सत्र 2026-27 के प्रवेश पर रोक
विश्वविद्यालय ने दो संस्थानों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए अलर्ट जारी किया है:
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श्रीमती मंजीरा देवी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज (उत्तरकाशी): NCISM ने 4 अगस्त 2026 के आदेशानुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए BAMS पाठ्यक्रम की मान्यता निरस्त कर दी है।
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परम हिमालय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज (डोईवाला): होम्योपैथिक चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड ने 24 अगस्त 2026 को सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश अनुमति पर विचार न करने का निर्णय लिया है।
3. नियमों के उल्लंघन पर रद्द होगा नामांकन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि सूचीबद्ध 12 कॉलेजों के अलावा किसी अन्य संस्थान की आधिकारिक मान्यता नहीं है। यदि कोई कॉलेज केंद्रीकृत काउंसलिंग और NCISM की निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन कर सीधे तौर पर प्रवेश देता है, तो उसे अमान्य घोषित कर दिया जाएगा। नियमविरुद्ध प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं का विश्वविद्यालय द्वारा नामांकन (Enrollment) भी जारी नहीं किया जाएगा।
4. अभ्यर्थियों व अभिभावकों से सावधान रहने की अपील
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने AYUSH पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रामक विज्ञापनों या अनधिकृत एजेंटों के झांसे में न आएं। किसी भी कॉलेज में प्रवेश लेने से पहले उसकी वर्तमान मान्यता और नियामक निकायों द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों का सत्यापन अवश्य करें।



