उत्तराखंडराज्य

सितारगंज उप जिला अस्पताल का कायाकल्प योजना के तहत बाह्य मूल्यांकन, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखी गई

सितारगंज। भारत सरकार की कायाकल्प योजना के अंतर्गत उप जिला अस्पताल सितारगंज का राज्य स्तरीय बाह्य मूल्यांकन टीम द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान टीम ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों को दी जा रही सुविधाओं और जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की।

अस्पताल की स्वच्छता और व्यवस्थाओं का किया गया निरीक्षण

बृहस्पतिवार को बाह्य मूल्यांकन टीम के सदस्य डॉ. विशाल ने अस्पताल का दौरा कर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का मूल्यांकन किया। इस दौरान अस्पताल परिसर, ओपीडी, आईपीडी वार्ड, प्रसव कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, प्रयोगशाला, फार्मेसी, आपातकालीन कक्ष और शौचालयों की साफ-सफाई तथा व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया गया। टीम ने अस्पताल के प्रत्येक विभाग में स्वच्छता मानकों और कार्यप्रणाली को भी परखा।

मरीजों और तीमारदारों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी जांच की। पेयजल व्यवस्था, बैठने की उचित सुविधा, मार्गदर्शन के लिए लगाए गए साइन बोर्ड, शिकायत निवारण प्रणाली और सुरक्षा से जुड़े प्रबंधों का भी जायजा लिया गया। टीम ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

संक्रमण नियंत्रण और स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान

कायाकल्प योजना के तहत संक्रमण नियंत्रण को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी क्रम में टीम ने अस्पताल में हैंड हाइजीन, सेनेटाइजेशन, स्टरलाइजेशन प्रक्रिया, लिनन प्रबंधन और चिकित्सा उपकरणों की साफ-सफाई की व्यवस्था का विस्तृत परीक्षण किया। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि अस्पताल में संक्रमण फैलने की संभावना को न्यूनतम रखा जा सके।

जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था का परीक्षण

निरीक्षण के दौरान जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का भी गहन मूल्यांकन किया गया। टीम ने कचरे के पृथक्करण की प्रक्रिया, रंगीन डस्टबिन के उपयोग, शार्प डिस्पोजल और चिकित्सा अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्थाओं को परखा। यह सुनिश्चित किया गया कि अस्पताल में उत्पन्न होने वाला जैव-चिकित्सा कचरा निर्धारित मानकों के अनुसार ही निपटाया जा रहा है।

रिकॉर्ड, दवाओं की उपलब्धता और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा

मूल्यांकन टीम ने अस्पताल के विभिन्न रजिस्टरों और रिकॉर्ड संधारण की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। इसके साथ ही दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के लिए लागू फीडबैक प्रणाली और अस्पताल में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। टीम ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, स्टाफ के व्यवहार और उपचार व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की।

स्वच्छता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को दी जा रही प्राथमिकता

अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि उप जिला अस्पताल में स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अस्पताल परिसर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाती है। उन्होंने कहा कि कायाकल्प योजना के माध्यम से अस्पतालों में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों को सुरक्षित एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर डॉ. रीना यादव, डॉ. अतुल यादव, मयंक नैनवाल सहित अस्पताल के चिकित्सक, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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