
देहरादून। राजधानी देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में युवती पर चापड़ से हमले की सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों को पुलिस ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि यह मामला किसी धारदार हथियार से हमले का नहीं, बल्कि नशे की हालत में दो पक्षों के बीच हुई आपसी मारपीट का है, जिसमें एक युवती घायल हुई है।
घटना की सूचना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
देहरादून पुलिस के अनुसार दिनांक 04 फरवरी 2026 की रात को कोतवाली पटेलनगर को सूचना प्राप्त हुई कि चंद्रबनी चौक के पास स्थित Grew कैफे में दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
बर्थडे पार्टी के दौरान हुआ विवाद
जांच में सामने आया कि माही पुत्री हरीश जेटली, निवासी गांधीग्राम गुरुद्वारा रोड, देहरादून अपने साथियों के साथ कैफे में जन्मदिन की पार्टी मना रही थी। पार्टी में शामिल सभी लोग नशे की हालत में थे। इसी दौरान कैफे में मौजूद दूसरे पक्ष, जिसमें आयुष रावत और अन्य युवक शामिल थे, से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
कैफे से बाहर सड़क पर हुई मारपीट
कहासुनी बढ़ने के बाद दोनों पक्ष कैफे से बाहर सड़क पर आ गए, जहां आपस में मारपीट हो गई। इसी दौरान युवती माही के सिर पर चोट लग गई। घायल अवस्था में उसे तुरंत दून अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया।
मेडिकल रिपोर्ट में धारदार हथियार की पुष्टि नहीं
पुलिस ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में डॉक्टरों द्वारा युवती के सिर पर हार्ड और ब्लंट ऑब्जेक्ट से चोट लगने की पुष्टि की गई है। रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के धारदार हथियार या चापड़ से हमले का उल्लेख नहीं है। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट में युवती द्वारा शराब के सेवन की भी पुष्टि की गई है।
मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी
घटना के संबंध में युवती के भाई द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली पटेलनगर में मु.अ.सं. 103/26 के तहत धारा 118(1) और 352 बीएनएस में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके घरों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
सोशल मीडिया अफवाहों से सावधान रहने की अपील
पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि युवती पर चापड़ से हमले की खबरें पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। मेडिकल रिपोर्ट इस तरह के किसी भी हमले की पुष्टि नहीं करती। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक व सत्यापित सूचनाओं पर ही भरोसा करें।



