उत्तराखंडराज्य

मानसून और चारधाम यात्रा: उत्तराखंड सरकार ‘हाई अलर्ट’ पर, मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश

देहरादून में आगामी मानसून सीजन और जारी चारधाम यात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन ने कमर कस ली है। गुरुवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में निर्देश दिए कि मानसून की आहट से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन और जनसुविधाओं के मामले में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बुनियादी ढांचे की मजबूती और 24×7 निगरानी

मुख्य सचिव ने वर्तमान परिस्थितियों को चुनौतीपूर्ण बताते हुए सभी रेखीय विभागों को 24×7 अलर्ट मोड में रहने को कहा है। उन्होंने विभागवार निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:

  • लोक निर्माण विभाग: क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत और संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती।

  • ऊर्जा एवं पेयजल विभाग: ट्रांसफार्मरों और पाइपलाइनों का रखरखाव ताकि बारिश में सेवाएं बाधित न हों।

  • नगर निकाय: नालों की सघन सफाई और जलभराव रोकने के लिए अतिक्रमण हटाना।

  • सिंचाई विभाग: नदियों का चैनलाइजेशन और आरबीएम (RBM) निकासी ताकि तटवर्ती क्षेत्रों में कटाव न हो।

आवश्यक सेवाओं और स्वास्थ्य का सुरक्षा कवच

मानसून के दौरान दुर्गम क्षेत्रों में रसद की कमी न हो, इसके लिए मुख्य सचिव ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को गैस, राशन, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त बफर स्टॉक बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को जलजनित बीमारियों (Infectious Diseases) से निपटने के लिए फॉगिंग अभियान और आपदा की स्थिति के लिए हेली एम्बुलेंस सेवाओं को मुस्तैद रखने को कहा गया है।

हाई-टेक आपदा प्रबंधन: सेंसर और वेदर रडार

उत्तराखंड अब मौसम के सटीक पूर्वानुमान के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। बैठक में दी गई महत्वपूर्ण जानकारियाँ:

  • वर्तमान में राज्य में 525 हाइड्रोमेट सेंसर और 3 डॉप्लर वेदर रडार पूरी तरह सक्रिय हैं।

  • जल्द ही 3 नए रडार और पिथौरागढ़ में रेडियो सांडे सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।

  • मौसम की चेतावनी आम जन तक पहुँचाने के लिए ‘सचेत एप’ और ‘सेल ब्रॉडकास्ट’ तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा।

भ्रामक सूचनाओं पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’

मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया पर आपदा से जुड़े फर्जी वीडियो और भ्रामक खबरों के प्रसार पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ ‘आपदा प्रबंधन अधिनियम’ की सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

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