
चम्पावत। टनकपुर क्षेत्र अंतर्गत किरोड़ा नाले पर प्रस्तावित पुल निर्माण को शासन स्तर से प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस पुल की लंबाई 480 मीटर और स्पैन 120 मीटर होगा, और इसके निर्माण के लिए ₹48.37 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। यह मंजूरी मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 1984/2015 के तहत जारी की गई।
परियोजना प्रस्तुति और अनुमोदन
परियोजना की ई-डीपीआर उत्तराखंड ब्रिज कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ब्रिडकुल), हल्द्वानी इकाई द्वारा प्रस्तुत की गई थी। शासन स्तर पर परीक्षण और मूल्यांकन के बाद इसे मंजूरी प्रदान की गई।
उद्देश्य और लाभ
मुख्यमंत्री की पहल का मुख्य उद्देश्य मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं को वर्षभर सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम यात्रा सुविधा प्रदान करना है। पुल निर्माण से न केवल श्रद्धालुओं को लाभ होगा, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और परिवहन, होटल एवं अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों को गति मिलेगी।
जिलाधिकारी की प्रतिक्रिया
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने पुल निर्माण की स्वीकृति पर खुशी व्यक्त की और कहा कि यह परियोजना स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। पुल निर्माण से टनकपुर नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम होगा, जिससे श्रद्धालुओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
निर्माण कार्य के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों और यात्रियों को शीघ्र इसका लाभ मिल सके।
परियोजना का महत्व
मुख्यमंत्री धामी की यह पहल धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ चम्पावत जनपद के समग्र विकास में भी मील का पत्थर साबित होगी।



