
रुद्रपुर। जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट ने जानकारी दी है कि शासन के निर्देशानुसार ’’दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन’’ योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा कराई जा रही है।
इस योजना के तहत प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों—श्री गंगोत्री धाम, श्री बद्रीनाथ धाम, रीठा-मीठा साहिब, नानकमत्ता, कलियर शरीफ (हरिद्वार), ताड़केश्वर (पौड़ी), कालीमठ (रुद्रप्रयाग), जागेश्वर (अल्मोड़ा), गैराड़ गोलू (बागेश्वर), गंगोलीहाट (पिथौरागढ़), बैजनाथ (बागेश्वर), ज्वाल्पा (पौड़ी गढ़वाल), महासू देवता हनोल (देहरादून) और कालिका (पौड़ी) धाम को तीर्थाटन सूची में शामिल किया गया है।
20 सितंबर को नानकमत्ता से रवाना होगा 30 यात्रियों का दल
जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत जनपद से 20 सितंबर को प्रातः 8:00 बजे 30 वरिष्ठ नागरिकों का दल श्री बद्रीनाथ धाम की यात्रा के लिए पर्यटन आवास गृह, नानकमत्ता से प्रस्थान करेगा। तीर्थ यात्रियों के आवागमन के लिए बस की व्यवस्था उत्तराखंड परिवहन निगम द्वारा की गई है।
रहने, खाने और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं रहेंगी उपलब्ध
यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं:
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भोजन एवं आवास: गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप यात्रियों के रहने और खाने की व्यवस्था यात्रा मार्ग में पड़ने वाले कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) और गढ़वाल मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृहों में की गई है।
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स्वास्थ्य सुरक्षा: यात्रियों की आपातकालीन स्वास्थ्य देखभाल के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय द्वारा फर्स्ट एड किट (प्राथमिक चिकित्सा सामग्री) उपलब्ध कराई गई है।
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विभागीय गाइड: यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम (नैनीताल) द्वारा एक प्रशिक्षित विभागीय गाइड को दल के साथ भेजा जा रहा है।
ऐसा रहेगा यात्रा का पूरा मार्ग व शेड्यूल
यह तीर्थ यात्रा 20 सितंबर से शुरू होकर 24 सितंबर तक संचालित होगी:
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प्रस्थान: 20 सितंबर को नानकमत्ता से रवाना होकर दल खैरना ➔ कौसानी ➔ बैजनाथ ➔ कर्णप्रयाग ➔ ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) होते हुए श्री बद्रीनाथ धाम पहुंचेगा।
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वापसी: दर्शन के उपरांत दल इसी मार्ग से वापस लौटते हुए 24 सितंबर को पुनः नानकमत्ता पहुंचेगा।


