उत्तराखंडराज्य

मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा में जनप्रतिनिधियों से किया संवाद, ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक संरक्षण पर दिया जोर

खटीमा के विकास खंड सभागार में आयोजित “जन जन की सरकार, मुख्यमंत्री जन संवाद कार्यक्रम” में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत और निकाय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर राज्य सरकार की विकास योजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं को साझा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण विकास, रोजगार, शिक्षा, आधारभूत ढांचे और सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

गांवों के विकास से ही बनेगा विकसित भारत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब गांव और कस्बे आत्मनिर्भर और समृद्ध बनें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छता अभियान जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार भी विभिन्न योजनाओं के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने का काम कर रही है।

स्थानीय उत्पादों को मिल रही नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक जनपद, दो उत्पाद” योजना और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है। इसके अलावा स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे और सौर स्वरोजगार योजना के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन पहलों से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और पलायन पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिली है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। उन्होंने बताया कि रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर सेंटर योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बनकर आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश कर रही हैं।

खटीमा में तेजी से हो रहा विकास कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा उनका गृह क्षेत्र होने के साथ-साथ उनकी विशेष प्राथमिकता भी है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर पुल का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण से परिवहन सुविधाएं बेहतर हुई हैं।

उन्होंने बताया कि खटीमा में केंद्रीय विद्यालय, आधुनिक आईटीआई, पॉलीटेक्निक कॉलेज और 100 बेड के अस्पताल परिसर का निर्माण कराया गया है। चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम भी तैयार किया गया है। वहीं विद्यार्थियों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए “साथी केंद्र” की स्थापना भी की गई है।

क्षेत्र में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा और टनकपुर के बीच जल्द ही एक भव्य सैन्य स्मारक बनाया जाएगा। इसके अलावा उधमसिंह नगर के किच्छा में 351 करोड़ रुपये की लागत से एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने कहा कि पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाईअड्डे का निर्माण किया जा रहा है। वहीं सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में अरोमा पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर तथा पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना से औद्योगिक विकास को गति मिल रही है।

किसानों और सिंचाई योजनाओं पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने बताया कि जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना को फिर से शुरू कर तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई समस्याओं के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है।

कानून व्यवस्था और सांस्कृतिक संरक्षण पर सरकार सख्त

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफी को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अवैध अतिक्रमण और लैंड जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए हजारों एकड़ सरकारी भूमि को मुक्त कराया है।

उन्होंने बताया कि अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया है तथा दंगारोधी कानून लागू कर दंगाइयों से नुकसान की भरपाई कराने का प्रावधान किया गया है।

शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार गंभीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है और 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार कार्य कर रही है।

समान नागरिक संहिता को बताया ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू करने का साहसिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण और अलगाववादी गतिविधियों के खिलाफ भी सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ सरकार निरंतर कार्य कर रही है और इसमें जनता का सहयोग सबसे बड़ी ताकत है।

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष आशा बिष्ट, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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