
देहरादून। देवभूमि के शांत आंचल को झकझोर देने वाले थाना राजपुर क्षेत्र के करीब एक वर्ष पुराने अजय बटेजा हत्याकांड का दून पुलिस ने अत्यंत पेशेवर और वैज्ञानिक तरीके से पटाक्षेप कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कुशल और आक्रामक नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत में खौफ का पर्याय बने कुख्यात शार्प शूटर और हिस्ट्रीशीटर राजन उर्फ जैकी को सलाखों के पीछे धकेल दिया है।
कत्ल की वो स्याह रात: जब अपनों ने ही रची साजिश
इस जघन्य हत्याकांड की पटकथा आज से ठीक एक साल पहले लिखी गई थी। 26 मई 2025 की रात को जीएमएस रोड निवासी जतिन कुमार ने अपने ममेरे भाई अजय बटेजा की संदेहास्पद मृत्यु की सूचना पुलिस को दी थी। प्राथमिक तौर पर मामला उलझा हुआ था, इसलिए पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश का चक्रव्यूह तैयार किया।
सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की अभेद्य रणनीति
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने डिजिटल फॉरेंसिक, मोबाइल सर्विलांस, सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और अपने पारंपरिक मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। कड़ियों से कड़ियां जुड़ती गईं और अंततः शक की सुई मुजफ्फरनगर के शातिर अपराधी राजन उर्फ जैकी पर जाकर टिक गई।
मुजफ्फरनगर में दबिश और आत्मसमर्पण जैसी गिरफ्तारी
दून पुलिस की एक विशेष टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर 19 मई 2026 को मुजफ्फरनगर के खालापार क्षेत्र में छापा मारा। वहां से आरोपी राजन को दबोचकर देहरादून लाया गया, जहां पुलिसिया पूछताछ और कड़े मनोवैज्ञानिक दबाव के आगे वह टूट गया और उसने कत्ल की खौफनाक दास्तान उगल दी।
जर, जोरू और जमीन: प्रॉपर्टी के लोभ में सुपारी किलिंग
पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने रिश्तों को एक बार फिर तार-तार कर दिया। यह कोई सामान्य हत्या नहीं बल्कि करोड़ों की संपत्ति के विवाद में रची गई एक सुनियोजित ‘सुपारी किलिंग’ (Contract Killing) थी:
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मुख्य साजिशकर्ता: मृतक अजय बटेजा का सौतेला भाई अमित बटेजा ही इस पूरे षड्यंत्र का सूत्रधार निकला।
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लालच का जाल: अमित ने अजय को रास्ते से हटाने के लिए शार्प शूटर राजन को अकूत संपत्ति में हिस्सा देने और एक अन्य आपराधिक मुकदमे से बचाने का प्रलोभन देकर सुपारी दी थी।
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साजिश में प्रेमिका की भूमिका: इस खूनी खेल को अंजाम देने के लिए शूटर राजन ने अपनी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया को भी इस साजिश का हिस्सा बनाया।
साजिश का घटनाक्रम: कत्ल को खुदकुशी दिखाने की नाकाम कोशिश
घटना की रात आरोपी अपने पेशेवर गुर्गों के साथ देहरादून पहुंचा। योजना के मुताबिक, पहले अजय बटेजा को अत्यधिक शराब पिलाई गई ताकि वह अचेत हो जाए। जब वह पूरी तरह नशे की हालत में आ गया और विरोध करने की स्थिति में नहीं रहा, तब आरोपियों ने बेरहमी से तकिये से उसका मुंह और गला दबाकर उसे मौत की नींद सुला दिया। शातिर अपराधियों ने इसे आत्महत्या का रूप देने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन कानून की पैनी नजरों से बच नहीं सके। भागते समय आरोपी सबूत मिटाने के उद्देश्य से घर में लगे सीसीटीवी की डीवीआर (DVR) भी उखाड़ ले गए थे।
दो दर्जन मुकदमों का बोझ: सहारनपुर का हिस्ट्रीशीटर है जैकी
पकड़ा गया हत्यारा राजन उर्फ जैकी कोई नौसिखिया नहीं बल्कि सहारनपुर जिले का चिन्हित हिस्ट्रीशीटर है। इसके खूनी इतिहास में हत्या, डकैती, रंगदारी, अवैध वसूली और गैंगस्टर एक्ट जैसे लगभग दो दर्जन संगीन और जघन्य मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह पहले भी कई राज्यों में मोटी रकम लेकर सुपारी किलिंग की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
मुख्य आरोपी फरार, पुलिस टीम को नकद पुरस्कार
पुलिस ने इस मामले में हत्या की सुपारी देने वाले मुख्य साजिशकर्ता सौतेले भाई अमित बटेजा और मददगार महिला हुमेरा उर्फ जोया को वांछित (Wanted) घोषित कर दिया है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
इस बेहद पेचीदा और अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने वाली जांबाज पुलिस टीम के हौसले को बढ़ाते हुए पुलिस महानिरीक्षक (IG) गढ़वाल रेंज द्वारा ₹5000 और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून द्वारा ₹2500 के नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र की घोषणा की गई है।



