
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में सूर्यदेव के तल्ख तेवरों के चलते तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे संपूर्ण राज्य भीषण गर्मी और ‘हीट वेव’ (लू) की चपेट में है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर प्रदेश के कई जनपदों में लू का प्रकोप और अधिक गहराने की गंभीर चेतावनी (यलो/ऑरेंज अलर्ट) जारी की है। इस मौसमी आपातकाल को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं।
इन जनपदों पर मंडरा रहा है भीषण गर्मी का साया
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, राज्य के मैदानी और तराई क्षेत्रों के साथ-साथ निचले पहाड़ी इलाकों में भी गर्मी का सितम जारी रहेगा। विशेष रूप से निम्नलिखित जिले इसकी जद में हैं:
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मैदानी एवं तराई क्षेत्र: देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और पौड़ी गढ़वाल के मैदानी भाग। यहाँ पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की प्रबल आशंका है।
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पहाड़ी एवं घाटी क्षेत्र: नैनीताल और उत्तरकाशी के कुछ भूभाग। यहाँ भी पहाड़ी ठंडी हवाओं की जगह तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को लांघने का अनुमान है।
राजधानी देहरादून में बुधवार से ही सुबह से ही चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने जनजीवन को बेहाल करना शुरू कर दिया है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सभी राजकीय चिकित्सालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आपातकालीन तैयारियों के साथ चौबीस घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जीवन रक्षक सलाह
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. झा ने इस जानलेवा गर्मी से बचाव के लिए विशेष रूप से नौनिहालों (बच्चों), बुजुर्गों और धूप में काम करने वाले श्रमिकों व कामकाजी लोगों को अत्यधिक एहतियात बरतने की सलाह दी है।
दोपहर की तपिश से बचें
चिकित्सकों ने कड़े शब्दों में परामर्श दिया है कि दोपहर 11:00 बजे से सायं 4:00 बजे के मध्य, जब सूर्य की किरणें सबसे तीखी होती हैं, अनावश्यक रूप से घरों या दफ्तरों से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना अपरिहार्य हो, तो सिर को छाते, टोपी या सूती कपड़े (अंगोछे) से पूरी तरह ढककर रखें।
जल ही जीवन और सुरक्षा है
शरीर में पानी की कमी (Dehydration) को रोकने के लिए प्यास न लगने पर भी निरंतर अंतराल पर पानी पीते रहें। इसके अतिरिक्त जीवन रक्षक तरल पदार्थों जैसे नींबू पानी, नारियल पानी, ओआरएस (ORS) घोल, मट्ठा और पानी से भरपूर मौसमी फलों जैसे तरबूज, खरबूजा और ककड़ी का प्रचुर मात्रा में सेवन करें।
महत्वपूर्ण चेतावनी: यदि किसी व्यक्ति को अचानक चक्कर आना, तीव्र सिरदर्द, तेज बुखार, उल्टी होना, अत्यधिक घबराहट या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे सामान्य थकान न समझें। यह ‘हीट स्ट्रोक’ (लू लगना) का संकेत हो सकता है; ऐसी स्थिति में अविलंब निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
प्रशासनिक चक्रव्यूह: हेल्पलाइन नंबर जारी
जिलाधिकारी सविन बंसल के कड़े रुख के बाद जिले के सभी संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति या आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए ‘जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र’ को 24×7 एक्टिव कर दिया गया है।
प्रशासन ने आम जनता की सुलभता के लिए निम्नलिखित आधिकारिक आपातकालीन संपर्क सूत्र (Helpline Numbers) जारी किए हैं:
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दूरभाष नंबर: 2726066, 2626066
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व्हाट्सएप नंबर: 7534826066
जिला प्रशासन ने देवभूमि के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम की इस विभीषिका के प्रति सतर्क रहें, अफवाहों से बचें और केवल प्रमाणित सावधानियों को अपनाकर स्वयं व अपने परिवार को सुरक्षित रखें।



