
रुद्रपुर। जिले में संचालित सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि हाल ही में देहरादून-हरिद्वार मार्ग स्थित एक अस्पताल के आईसीयू में एयर कंडीशनर में आग लगने की घटना को गंभीरता से लेते हुए जनपद के सभी स्वास्थ्य संस्थानों का संयुक्त सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है।
सभी अस्पतालों, क्लीनिक और ट्रॉमा सेंटरों का होगा निरीक्षण
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक और ट्रॉमा सेंटर सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान और नगर निकायों के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक संयुक्त निरीक्षण समिति का गठन किया गया है।
फायर सेफ्टी और आपातकालीन व्यवस्थाओं की होगी जांच
निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित संस्थान अग्निशमन विभाग द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। फायर एनओसी की वैधता, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, आपातकालीन निकास द्वार, संकेतक बोर्ड, विद्युत सुरक्षा उपकरण और एम्बुलेंस की कार्यशीलता की विस्तृत जांच की जाएगी।
इसके अलावा विद्युत वायरिंग की सुरक्षा, आपातकालीन जल आपूर्ति व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता का भी परीक्षण किया जाएगा।
भवन सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस
संयुक्त समिति भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा का भी आकलन करेगी। इसके तहत भवन मानचित्र की स्वीकृति, पंजीकरण दस्तावेज, वास्तविक निर्माण स्थिति, पार्किंग व्यवस्था, बेसमेंट उपयोग और किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण की जांच की जाएगी। साथ ही जोखिमपूर्ण संरचनाओं की पहचान कर सुरक्षा मानकों के अनुपालन का सत्यापन किया जाएगा।
ऑक्सीजन भंडारण और आपदा प्रबंधन तैयारियों की होगी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी परखा जाएगा। इसमें इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान, ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली, ऑक्सीजन सिलेंडरों और अन्य ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित भंडारण की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही अस्पताल कर्मियों को फायर और आपदा सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण की स्थिति, सीसीटीवी निगरानी और कंट्रोल रूम व्यवस्थाओं का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी संस्थान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या गंभीर लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अत्यधिक जोखिम की स्थिति में संस्थान को सील करने या उसके संचालन पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की जा सकती है।
कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश
प्रशासन ने सभी निरीक्षण टीमों को निर्देशित किया है कि जांच के दौरान सामने आने वाली कमियों और अनियमितताओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराया जाए। निरीक्षण पूर्ण होने के बाद समिति विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आवश्यक सुधारात्मक सुझावों सहित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध कराएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुरक्षा और मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी संबंधित विभागों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा।



