
देहरादून में सोमवार को सचिवालय सभागार में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं और मुख्यमंत्री की 10-10 कार्य आधारित घोषणाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा इन घोषणाओं के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत जिन योजनाओं और परियोजनाओं को पूरा किया जाना है, उन पर तेजी से कार्य करते हुए उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जो योजनाएं किसी कारणवश पूरी नहीं हो पा रही हैं और जिनका विलोपन प्रस्तावित है, उनका प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री घोषणा सेल को भेजा जाए। यदि निर्धारित समय में प्रस्ताव प्राप्त नहीं होता है, तो यह माना जाएगा कि संबंधित विभाग परियोजना को पूरा करेगा।
भूमि संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भूमि से जुड़ी समस्याएं आ रही हैं, उनके समाधान के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायकों और जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि परियोजना को आगे बढ़ाना संभव है या नहीं। उन्होंने अंतर-विभागीय मुद्दों को भी आपसी समन्वय से जल्द सुलझाने के निर्देश दिए।
व्यवहारिक परियोजनाओं पर तुरंत शुरू हो कार्य
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं के लिए भूमि और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा सकती हैं, उन पर तत्काल कार्य प्रारंभ किया जाए। वहीं जो परियोजनाएं व्यवहारिक नहीं हैं, उनके विलोपन का प्रस्ताव शीघ्र भेजा जाए ताकि अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
प्राथमिकता से पूरे हों 10-10 कार्य आधारित घोषणाएं
उन्होंने मुख्यमंत्री की 10-10 कार्य आधारित घोषणाओं के अंतर्गत आने वाले कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन कार्यों को जल्द पूरा किया जा सकता है, उनकी सभी आवश्यक औपचारिकताएं तत्काल पूरी कर क्रियान्वयन शुरू करने को कहा।
सड़क और पेयजल योजनाओं पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों से संबंधित जो कार्य संभव हैं, उनके लिए तत्काल शासनादेश जारी किए जाएं और जो कार्य संभव नहीं हैं, उनके विलोपन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही पेयजल योजनाओं के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि अगले 20 दिनों के भीतर यह स्पष्ट किया जाए कि कौन-कौन से कार्य क्रियान्वित किए जा सकते हैं।
शिक्षा और अन्य सुविधाओं को लेकर भी दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि जहां साइट सिलेक्शन कमेटी की रिपोर्ट संलग्न की जानी है, वहां उसे शीघ्र जोड़ा जाए। विद्यालय शिक्षा विभाग को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर केंद्रीय विद्यालय के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, वहां नियमों के अनुसार निजी या वन भूमि के विकल्प भी तलाशे जाएं।
जिलों में गेस्ट हाउस निर्माण के प्रस्ताव तैयार हों
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन जिलों में राज्य संपत्ति विभाग या लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए गेस्ट हाउस निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। साथ ही जो परियोजनाएं नामकरण तय न होने के कारण लंबित हैं, उनके संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभागों, हितधारकों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र निर्णय लिया जाए।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव सचिन कुर्वे, रविनाथ रामन, चंद्रेश कुमार यादव, एस.एन. पांडेय, वी. षणमुगम, एस.ए. अदांकी, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, डॉ. आर. राजेश कुमार, रणवीर सिंह, अहमद इकबाल तथा मुख्य वन संरक्षक रंजन मिश्र सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



