उत्तराखंडराज्य

एससी-एसटी कर्मचारी महासंघ ने उठाई पदोन्नति में आरक्षण की मांग, इरशाद आयोग की रिपोर्ट पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह

देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड एससी-एसटी इम्पलाईज फेडरेशन के प्रथम अधिवेशन में पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। सम्मेलन में मौजूद वक्ताओं ने राज्य सरकार से मांग की कि न्यायमूर्ति इरशाद आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा में प्रस्तुत कर उस पर व्यापक चर्चा कराई जाए और कर्मचारियों के हित में शीघ्र निर्णय लिया जाए।

सम्मेलन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन वर्गों के कर्मचारियों और समाज के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों का पूरा लाभ मिलना चाहिए तथा उनके हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

अधिवेशन में उपस्थित प्रतिनिधियों ने अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है और इसके लिए सभी कर्मचारियों को एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक मुन्ना सिंह चौहान को शामिल होना था, लेकिन व्यस्तता के कारण वे उपस्थित नहीं हो सके। वहीं उत्तराखण्ड कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल ने सम्मेलन में भाग लेकर कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।

रघुवीर सिंह तोमर की अध्यक्षता में संपन्न हुआ अधिवेशन

सम्मेलन की अध्यक्षता उत्तराखण्ड एससी-एसटी इम्पलाईज फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह तोमर ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महासचिव इंजीनियर सुनीत सिंह ने किया। इस दौरान सामाजिक संगठनों और कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में ओबीसी महासभा के अध्यक्ष कल्याण सिंह, अनुराखी, वर्षा कटारिया सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।

गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन

अधिवेशन के दौरान ऑफिसर्स ट्रांजिट हॉस्टल, रेसकोर्स, देहरादून में फेडरेशन की गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया। इस प्रक्रिया के लिए प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह तोमर ने प्रोफेसर जयपाल सिंह और रघुनाथ लाल आर्य को पर्यवेक्षक नियुक्त किया, जबकि एम.पी. शिल्पकार को चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।

नई कार्यकारिणी में इन पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

नवनिर्वाचित गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी में मांगे राम मोय को अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा किरण पाल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, भजन लाल शाह एवं भारती प्रकाश को उपाध्यक्ष, नगपाल सिंह कटारिया को महासचिव, अजय भारती को सचिव तथा नरेंद्र सिंह को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

वहीं लेखनल को संयुक्त सचिव, नंदिया आर्य और रजिंद्र लाल खत्री को संगठन सचिव तथा रात्रपाल सिंह को प्रचार-प्रसार सचिव के पद पर चुना गया।

संगठन को मजबूत बनाने पर दिया गया जोर

अधिवेशन में फेडरेशन के संरक्षक मदन कुमार शिल्पकार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद कुमार, उपाध्यक्ष इंजीनियर बबलू सिंह, राजेंद्र सिंह, प्रदेश महासचिव इंजीनियर सुनीत सिंह, डॉ. मनोहर लाल, दिनेश धीमान, राकेश टम्टा, राजेंद्र शाह, डॉ. प्रदीप कुमार, प्रमोद चौधरी, ग्राम लाल मेहरा और सुंदर लाल शाह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

वक्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एकजुटता ही कर्मचारियों की सबसे बड़ी ताकत है और इसी के माध्यम से उनके मुद्दों का प्रभावी समाधान संभव है।

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