
देहरादून में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में संचालित और प्रस्तावित विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे कनेक्टिविटी पर्यटन और यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, इसलिए सभी कार्यों को समयबद्धता, उच्च गुणवत्ता और बेहतर समन्वय के साथ पूरा किया जाए।
नियमन, पार्किंग और प्रक्रियात्मक सुधार
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रोपवे रूल्स और रेग्यूलेशन: मुख्य सचिव ने ब्रिडकुल (BRIDCUL) को निर्देश दिए कि प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं के प्रभावी संचालन और नियमन के लिए जल्द से जल्द रोपवे रेग्यूलेशन और रूल्स जारी किए जाएं।
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अनिवार्य पार्किंग विकास: यातायात को सुगम बनाने और पर्यटकों की सुविधा के लिए सभी रोपवे परियोजनाओं में पार्किंग का विकास अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए।
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नोडल अधिकारी की नियुक्ति: जिला प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया।
प्रमुख धार्मिक और पर्यटन रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा
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केदारनाथ व हेमकुंड साहिब: दोनों प्रमुख धामों की रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
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नैनीताल व कैंची धाम रूट: रानीबाग-ज्योलीकोट-हनुमानगढ़ी-कैंचीधाम और रानीबाग-भीमताल-भवाली परियोजनाओं के लिए NHLML और UKMRC को आपसी तालमेल से काम करने तथा फाइनल DPR, DFC और अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया।
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जोशीमठ, औली व अन्य क्षेत्र: पर्यटन विभाग द्वारा विकसित की जा रही जोशीमठ-औली-गोरसों, रैथल-बारसू और पुरकुल रोपवे परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध स्वीकृति के आदेश दिए गए।
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चारधाम व अन्य रूट्स: यमुनोत्री-जानकी चट्टी, हनुमानचट्टी-पूर्णागिरि और तपोवन-कुंजपुरा रोपवे परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण और अन्य लंबित मामलों को बिना किसी विलंब के हल करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार, NHLML और UKMRC के प्रतिनिधि तथा संबंधित जिलों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।



