
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राज्य के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर चल रही विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में जागेश्वर धाम, महासू देवता, जादूंग, माणा और नीति–टिम्मरसैण जैसे अहम स्थलों पर जारी कार्यों की वर्तमान स्थिति पर विभागों से विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की गई।
समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया गया विशेष जोर
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाना अनिवार्य है। इसके लिए उन्होंने निरंतर और प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रत्येक परियोजना के लिए कार्य आरंभ से लेकर पूर्णता तक की स्पष्ट टाइमलाइन और पर्ट चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे प्रगति की नियमित समीक्षा संभव हो सके।
भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
बैठक के दौरान भूमि हस्तांतरण और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि इन प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो, ताकि विकास कार्य बिना बाधा आगे बढ़ सकें।
प्रमुख निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने पर फोकस
कैंचीधाम में प्रस्तावित नए पैदल पुल और जादूंग में फेस्टिव ग्राउंड के निर्माण को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि आवश्यक हो तो इन परियोजनाओं में श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जाए, जिससे कार्यों को तय समय में पूरा किया जा सके और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुई बैठक
इस समीक्षा बैठक में सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव अभिषेक रुहेला सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और विकास परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए गए।



