
रुद्रपुर। मत्स्य विभाग की ओर से शनिवार को विकास भवन सभागार में मत्स्य कृषकों के लिए जन संवाद एवं मत्स्य किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मत्स्य पालकों को विभागीय योजनाओं, आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों और स्वरोजगार के नए अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का समाधान करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड मत्स्य पालक विकास अभिकरण के उपाध्यक्ष उत्तम दत्ता और सीमा चौहान रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मत्स्य पालन को लाभकारी और रोजगारपरक व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने मत्स्य पालकों से विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाने की अपील की।
महिला मत्स्य पालकों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का आह्वान
उपाध्यक्ष सीमा चौहान ने महिला मत्स्य पालकों और युवा उद्यमियों को मत्स्य पालन क्षेत्र से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने दी आधुनिक मत्स्य पालन की जानकारी
गोष्ठी में कृषि विज्ञान केंद्र, काशीपुर के विषय विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार शर्मा ने आधुनिक मत्स्य पालन, जल गुणवत्ता प्रबंधन, रोग नियंत्रण, संतुलित आहार और वैज्ञानिक तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक उपायों को अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से मत्स्य पालक बेहतर उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
योजनाओं और अनुदान प्रावधानों की दी गई जानकारी
सहायक निदेशक मत्स्य संजय कुमार छिमवाल ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, अनुदान प्रावधानों और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने अधिक से अधिक मत्स्य पालकों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन मत्स्य निरीक्षक अमित कुमार कुशवाहा ने किया। आयोजन एवं संचालन में वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक संजीव कुमार सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मत्स्य पालकों की समस्याओं का किया गया समाधान
गोष्ठी के दौरान मत्स्य पालकों ने अपनी विभिन्न समस्याएं और सवाल रखे, जिनका विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक समाधान किया।
कार्यक्रम में जनपद के बड़ी संख्या में मत्स्य पालकों, प्रगतिशील किसानों और विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने मत्स्य पालन क्षेत्र से जुड़ी नवीनतम जानकारियां प्राप्त कीं और विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल की।



