
जनपद रुद्रप्रयाग के फाटा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के छात्रावास पर किए गए कथित अवैध कब्जे को हटाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को आंदोलन का पांचवां दिन रहा, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
अवैध कब्जा हटाने की मांग को लेकर जारी आंदोलन
धरना स्थल पर आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 10 मार्च से शुरू हुआ यह धरना प्रदर्शन अब पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है। आंदोलनकारियों ने बताया कि इस दौरान उन्होंने शासन और प्रशासन से कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवैध कब्जा हटाने की मांग की, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है।

क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 19 मार्च तक छात्रावास परिसर से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया, तो 20 मार्च से धरना स्थल पर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव के पूर्ण बहिष्कार की भी घोषणा की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह शासन और प्रशासन की होगी।

अस्थायी टीन शेड निर्माण के आदेश का नहीं हुआ पालन
जानकारी के अनुसार, राजस्व निरीक्षक गुप्तकाशी और राजस्व उपनिरीक्षक फाटा के लिखित आदेश (पत्रांक मेमो/अस्थाई टीन सैट/2023-24/दिनांक 03-08-2023) के तहत ग्राम रविग्राम फाटा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के छात्रावास प्रांगण में वर्ष 2023-24 के यात्रा काल के दौरान दो महीने के लिए घोड़े-खच्चरों के उपचार हेतु अस्थायी टीन शेड का निर्माण कराया गया था।
निर्देश दिया गया था कि यात्रा काल समाप्त होने के बाद यह अस्थायी टीन शेड विद्यालय को सौंप दिया जाएगा और वर्ष 2024-25 में इसका उपयोग पशुओं के उपचार के लिए नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त ठेकेदार को छात्रावास के पीछे पानी की नाली बनाने, कमरों की मरम्मत करने, शौचालय में टाइल्स लगाने और पूरे भवन का रंग-रोगन करने के भी निर्देश दिए गए थे।
हालांकि आरोप है कि ठेकेदार ने इन आदेशों का पालन नहीं किया और छात्रावास परिसर पर कब्जा कर लिया।
छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि स्पष्ट आदेशों के बावजूद अब तक छात्रावास को अवैध कब्जे से मुक्त नहीं कराया गया है। इसका सीधा असर विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
उन्होंने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को भेजे गए सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त पत्र का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 1950 के दशक से ही सीमांत गांवों तोषी, त्रियुगीनारायण, न्यालसू और गौरीकुंड के छात्र इस छात्रावास में रहकर शिक्षा प्राप्त करते रहे हैं।
नए छात्रावास भवन का निर्माण और कक्षों की कमी
वर्ष 2011-12 में पुराने छात्रावास भवन के जर्जर हो जाने के कारण विद्यालय प्रशासन ने उसी स्थान पर नया छात्रावास भवन बनवाया था। वर्तमान में विद्यालय में लगभग 350 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं, लेकिन कक्षाओं की भारी कमी के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग
धरना दे रहे लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत लिखित आश्वासन देकर छात्रावास से अवैध कब्जा हटाया जाए और राजस्व निरीक्षक के आदेशानुसार भवन की मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएं।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो 20 मार्च से आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।
आंदोलन में कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद
धरना प्रदर्शन के दौरान रामेश्वर प्रसाद जनलोकी, उमेंद्र सिंह रमोला, पशुपति नाथ कुर्मांचली, रमेश चंद्र उत्तराखंडी, दयाल सिंह, दया सिंह, रघुवीर सिंह सजवाण, पवन सिंह, चंद्र सिंह, जसपाल सिंह, भरत कुर्मांचली, रघुनाथ शाह, श्याम लाल पवार, टीका राम, गीता राम, पिंकी देवी, मंजू देवी, कल्पेश्वरी देवी, प्रेमा देवी, मीना देवी, वरदेई देवी, अर्चना देवी, गीता देवी और देवेश्वरी देवी सहित क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।



