
देहरादून। उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य में बच्चों की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से द्विवर्षीय ‘पंचम बाल विधानसभा-2026’ के गठन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है।
बाल विधानसभा का मुख्य उद्देश्य
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नेतृत्व विकास: बच्चों में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की समझ और नेतृत्व क्षमता विकसित करना।
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बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता: बच्चों से जुड़े मुद्दों को एक प्रभावी और सशक्त मंच प्रदान करना।
चयन प्रक्रिया और पात्रता
बाल संरक्षण आयोग के सचिव शिव कुमार वरनवाल के अनुसार चयन से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
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आयु सीमा: 14 से 16 वर्ष के बालक-बालिकाएं।
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कुल चयन: राज्य के सभी 13 जिलों से कुल 70 बाल विधायकों का चयन होगा (इनमें से एक बाल मुख्यमंत्री भी चुना जाएगा)।
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प्रतिनिधित्व: प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से एक मुख्य छात्र/छात्रा और एक ‘स्टैंडबाय’ प्रतिभागी का चयन किया जाएगा।
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चयन का आधार: चयन निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से होगा। विद्यार्थियों को 250-250 शब्दों के 2 निबंध लिखने होंगे:
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विषय 1: “आपके क्षेत्र में आमजन को प्रभावित करने वाले मुख्य मुद्दे क्या हैं और बाल विधायक के रूप में आप उनका निराकरण कैसे करेंगे?”
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विषय 2: “यदि आप बाल विधायक बनते हैं तो बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए क्या प्रयास करेंगे?”
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महत्वपूर्ण तिथियां (Time-Line)
| कार्य / प्रक्रिया | अंतिम तिथि |
| ऑनलाइन समन्वय बैठक (आयोग अध्यक्ष के नेतृत्व में) | 05 सितंबर (अपराह्न 3:30 बजे) |
| विद्यार्थियों द्वारा प्रधानाचार्य को निबंध जमा करना | 07 सितंबर |
| प्रधानाचार्य द्वारा सीईओ (CEO) कार्यालय में निबंध भेजना | 10 सितंबर |
| ज्यूरी समिति द्वारा मूल्यांकन और चयन | 10 से 15 सितंबर |
| चयनित बाल विधायकों की सूची आयोग को भेजना | 20 सितंबर |
| ऑनलाइन समीक्षा बैठक | 26 सितंबर |
ज्यूरी समिति का गठन
निबंधों के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए प्रत्येक जनपद में मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। 5-सदस्यीय ज्यूरी समिति में निम्नलिखित शामिल होंगे:
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अध्यक्ष या सदस्य, बाल कल्याण समिति
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मुख्य शिक्षा अधिकारी (या उनके प्रतिनिधि)
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जिला कार्यक्रम अधिकारी / जिला प्रोबेशन अधिकारी
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दो प्रवक्ता (इंटरमीडिएट स्तर या उससे ऊपर)
आयोग के निर्देश
आयोग ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया पूरी करने और चयनित बाल विधायकों का पूरा विवरण (नाम, आयु, लिंग, कक्षा, पिता का नाम, पता, मोबाइल नंबर, फोटो और विधानसभा क्षेत्र) आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।



