
रामनगर, नैनीताल जिले में कोसी नदी के किनारे स्थित पुछड़ी बस्ती में घुसपैठियों ने रिजर्व फॉरेस्ट की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा जमा लिया था। वन विभाग और प्रशासन द्वारा लंबे समय से इस अतिक्रमण को हटाने के प्रयास किए जा रहे थे। आज तड़के भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के निर्देश के तहत कोसी नदी किनारे अवैध अतिक्रमण हटाने की योजना पर पिछले कई महीनों से काम चल रहा था।
अवैध निर्माण और मस्जिद-मदरसे का मामला
जानकारी के अनुसार, वन विभाग की भूमि पर कब्जा कर घुसपैठियों ने मजार, मस्जिद और मदरसे तक बना लिए थे। प्रशासन द्वारा किए गए सर्वेक्षण में स्थिति देखकर टीम हैरान रह गई।
इस क्षेत्र को पुछड़ी बस्ती के नाम से जाना जाता है। वन भूमि के सौदे कैसे भू-माफिया कर रहे थे, इस बात की जांच के लिए शासन ने एसआईटी गठित की थी। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद अब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई है।
उत्तराखंड में सख्त प्रशासनिक रुख
उत्तराखंड सरकार अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा रुख अपना रही है। कुमाऊं मंडल में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसी कड़ी में रामनगर के ग्राम पुछड़ी क्षेत्र में वर्षों से वन भूमि पर बने कब्जों को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग की भूमि पर लंबे समय से अवैध खेती हो रही थी। वन विभाग ने पहले भी इन कब्जों की पहचान की थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
ट्रेंचिंग ग्राउंड योजना पर असर
कुछ वर्षों पहले तराई पश्चिमी वन प्रभाग ने रामनगर नगर पालिका को कूड़ा निस्तारण (ट्रेंचिंग ग्राउंड) के लिए लगभग एक हेक्टेयर भूमि दी थी। इसके बदले नगर पालिका ने वन विभाग को करीब एक करोड़ रुपये भी दिए थे। इसके बावजूद भूमि पर कई लोगों ने अवैध कब्जा जमा रखा, जिससे सरकार की योजनाओं पर असर पड़ा।
प्रशासनिक सर्वे और ड्रोन निगरानी
स्थिति का आंकलन करने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल, वन विभाग की एसडीओ किरण शाह, राजस्व विभाग, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। ड्रोन कैमरों के जरिए अवैध कब्जों की पहचान की गई।
अतिक्रमणकारियों में प्रशासनिक कार्रवाई की खबर फैलते ही हड़कंप मच गया। कुछ लोगों ने अधिकारियों से बहस भी की।
पहले चरण में ट्रेंचिंग ग्राउंड की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाएगा
अधिकारियों के बीच विस्तृत रणनीतिक बैठक के बाद पहले चरण में नगर पालिका को दी गई ट्रेंचिंग ग्राउंड की भूमि से अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया।
एएसपी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि वर्ष 2024 में वन भूमि पर अवैध कब्जे के आरोप में कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिनकी जांच अब भी जारी है।
सरकार ने मामले की गहन जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। जांच में यह खुलासा हुआ कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर भोले-भाले लोगों को जमीन बेच दी थी।
प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई
डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या ने बताया कि सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए। टीचिंग ग्राउंड के लिए भूमि खाली करवा कर नगर पालिका को सौंपना है। प्रशासन के साथ वन विभाग इस दिशा में सक्रिय है।
पुछड़ी बस्ती में घुसपैठियों ने सरकारी भूमि पर मस्जिद, मजार और मदरसे बना लिए थे। प्रशासनिक टीम ने सर्वेक्षण के दौरान इस स्थिति को देखकर अपनी रिपोर्ट तैयार की।
आज तड़के पुलिस प्रशासन और फॉरेस्ट विभाग के द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया। मौके पर एडीएम विवेक राय, डीएफओ प्रकाश आर्य और अन्य अधिकारी मौजूद थे। एसएसपी मंजूनाथ टी सी ने बताया कि रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर बाहरी लोगों ने अवैध बसावट की थी, जिन्हें वन विभाग हटा रहा है। अभियान में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं।



