
मसूरी के शहीद स्थल झूलाघर में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीद आंदोलनकारियों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। खटीमा में भारी बारिश के कारण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हो सके और उन्होंने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। सीएम धामी ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का तप, त्याग और बलिदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

राज्य आंदोलनकारियों एवं आश्रितों के लिए कल्याणकारी कदम
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सरकारी नौकरियों में आरक्षण: आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों (जिनमें परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियां भी शामिल हैं) को सरकारी नौकरियों में 10% क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। अब तक 98 आंदोलनकारियों को सेवायोजित किया जा चुका है।

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पेंशन में वृद्धि:
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शहीद परिवारों की मासिक पेंशन ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,500 की गई।
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जेल गए/घायल आंदोलनकारियों की पेंशन ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 की गई।
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सक्रिय आंदोलनकारियों की पेंशन ₹4,500 से बढ़ाकर ₹5,500 की गई।
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पूर्णतः शय्याग्रस्त दिव्यांग आंदोलनकारियों की पेंशन ₹20,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह की गई।
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अन्य सुविधाएं: आंदोलनकारियों के अधिकतम दो बच्चों को स्कूल/कॉलेज में नि:शुल्क शिक्षा और उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है।

राज्य के विकास और कड़े कानूनों पर सीएम का जोर
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कड़े कानून व फैसले: महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30% क्षैतिज आरक्षण, समान नागरिक संहिता (UCC), सख्त नकल विरोधी कानून, कठोर भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं।
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रोजगार व इंफ्रास्ट्रक्चर: बीते 5 वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से नौकरियां दी गई हैं। सीमांत क्षेत्रों तक सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, रविंद्र जुगरान और देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



