
देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सहकारिता केवल एक आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सेवा, स्वावलंबन और ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने एम-पैक्स को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि ये संस्थाएं किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम
रविवार को रिंग रोड स्थित किसान भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर सहकार भारती उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित एम-पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा और गति मिली है। उत्तराखण्ड सरकार भी प्राकृतिक खेती, श्री अन्न (मिलेट), बागवानी और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
मिलेट मिशन और महिला सशक्तिकरण पर जोर
गणेश जोशी ने बताया कि राज्य सरकार मिलेट मिशन के तहत सहकारिता एवं कृषि विभाग के माध्यम से किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर मंडुवा की खरीद सुनिश्चित कर रही है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को मंडुवा के संग्रहण कार्य के लिए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और महिला समूहों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
मंत्री ने एम-पैक्स पदाधिकारियों से अपील की कि वे पारदर्शिता, जवाबदेही और समर्पण के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक पात्र किसान तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रहे मौजूद
इस अवसर पर राज्यमंत्री भुवन विक्रम डबराल, सहकार भारती उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गौड़, प्रदेश संगठन प्रमुख राजेश वर्मा, प्रदेश सह संगठन प्रमुख मणिराम, सुधीर जोशी तथा डॉ. राकेश डंगवाल सहित अनेक पदाधिकारी एवं एम-पैक्स प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



