उत्तराखंडराज्य

देहरादून हत्याकांड: एंजेल चकमा केस में जांच ने पकड़ी रफ्तार

देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में हुए चर्चित एंजेल चकमा हत्याकांड ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस की जांच अब तेज होती दिखाई दे रही है, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

ब्लू कॉर्नर नोटिस पर CBI की आपत्ति

फरार आरोपी की तलाश के लिए जारी की जा रही ब्लू कॉर्नर नोटिस प्रक्रिया में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने कुछ महत्वपूर्ण आपत्तियां दर्ज की हैं। भारतपोल पोर्टल के माध्यम से एजेंसी ने पुलिस से विस्तृत जानकारी मांगी है।
CBI ने विशेष रूप से आरोपी की भूमिका, अपराध के समय उसकी मंशा और घटना से जुड़े समय व पंजीकरण संबंधी तथ्यों पर करीब 1600 शब्दों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

आरोपियों की स्थिति

इस मामले में अब तक कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने दो नाबालिगों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। हालांकि, मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिससे जांच की दिशा प्रभावित हो रही है।

घटना का विवरण

यह घटना 9 दिसंबर 2025 को सेलाकुई क्षेत्र में हुई थी। दो पक्षों के बीच हुआ विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल चकमा पर दूसरे पक्ष के छह लोगों ने हमला कर दिया।
हमले में एंजेल को गंभीर चोटें आईं, खासकर गर्दन के पास गहरी चोट लगने से उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई।

इलाज के दौरान हुई मौत

घायल एंजेल को तुरंत देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां लंबे इलाज के बाद 26 दिसंबर 2025 को उनकी मृत्यु हो गई।
शुरुआत में पुलिस ने इस मामले को हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज किया था, लेकिन पीड़िता की मौत के बाद इसे हत्या के मामले में बदल दिया गया।

मुख्य आरोपी फरार

मामले का मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी घटना के बाद पुलिस को चकमा देकर नेपाल फरार हो गया। पुलिस ने अन्य सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी अब तक संभव नहीं हो सकी है।
घटना को करीब तीन महीने बीत चुके हैं, फिर भी आरोपी तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।

जांच में आ रही चुनौतियां

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया अभी अधूरी है। इंटरपोल के माध्यम से नेपाल तक मामला पहुंचाने में समय लग सकता है और कई कागजी औपचारिकताएं अभी पूरी की जानी बाकी हैं।
इसी वजह से आरोपी की गिरफ्तारी में देरी हो रही है।

पुलिस की आगे की रणनीति

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CBI द्वारा उठाए गए सभी सवालों के जवाब तैयार किए जा रहे हैं और जल्द ही भारतपोल पोर्टल पर विस्तृत रिपोर्ट अपलोड की जाएगी।
इसके साथ ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाया जा सके।

अधिकारियों का बयान

सीओ प्रेमनगर विवेक कुटियाल के अनुसार, सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर ली जाएंगी। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

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