
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस के अवसर पर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर प्रदेश की सरकारी भूमि और ऐतिहासिक संपत्तियों को निजी हाथों (पूंजीपतियों) को सौंपने का गंभीर आरोप लगाया है। देहरादून में आयोजित एक संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने सरकार की नीतियों को लेकर तीखा हमला बोला।
केदार घाटी के निरीक्षण भवनों को निजी हाथों में देने की तैयारी
महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने आरोप लगाया कि रुद्रप्रयाग जिले के दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) के महत्वपूर्ण निरीक्षण भवनों को निजी क्षेत्र को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि:
-
ये संपत्तियां केदारनाथ घाटी की धरोहर और पहचान से जुड़ी हुई हैं।
-
इन क्षेत्रों में सीमित भूमि उपलब्धता के कारण ये सरकारी निरीक्षण भवन बेहद महत्वपूर्ण हैं।
UIIDB के जरिए 1200 एकड़ सरकारी भूमि देने का दावा
प्रदेश महामंत्री (संगठन) राजेंद्र भंडारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (UIIDB) के माध्यम से विभिन्न विभागों की लगभग 1200 एकड़ भूमि से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
-
लंबी अवधि के पट्टे (Lease): सरकारी संपत्तियों को दीर्घकालिक पट्टे पर दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में पट्टाधारकों के अधिकारों और जमीनों के मालिकाना हक पर सवाल खड़े होंगे।
-
वेबसाइट दर्ज निविदाएं: UIIDB की वेबसाइट पर नैनीताल के पटवाडांगर में प्रीमियम आतिथ्य परियोजना, हरिद्वार के अलकनंदा होटल और ऋषिकेश PWD अतिथि गृह के पुनर्विकास की निविदाएं (Tenders) सार्वजनिक रूप से मौजूद हैं।
PWD के 25 निरीक्षण भवनों पर फैसला और जॉर्ज एवरेस्ट का मुद्दा
कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि PWD के लगभग 25 निरीक्षण भवनों और पर्यटन विभाग के कई होटलों को निजी हाथों में सौंपने का सैद्धांतिक निर्णय लिया जा चुका है।
-
जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट मामला: नेताओं ने मसूरी के ऐतिहासिक जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट का उदाहरण देते हुए कहा कि 142 एकड़ की साहसिक पर्यटन परियोजना को मात्र ₹1 करोड़ वार्षिक शुल्क पर दिया गया, जिसकी निविदा प्रक्रिया और संबंधित कंपनियों पर गंभीर सवाल उठे हैं।
-
भू-कानून में बदलाव: सरकार ने उद्योग, होटल और शिक्षण संस्थानों के नाम पर खरीदी गई भूमि के उपयोग और प्लॉटिंग के नियमों को ढीला कर दिया है।
कांग्रेस का रक्षा सूत्र अभियान और राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान
कांग्रेस नेताओं ने घोषणा की है कि सरकारी संपत्तियों को बिकने से बचाने के लिए पार्टी पूरे राज्य में उग्र आंदोलन चलाएगी:
-
रक्षा सूत्र अभियान: रुद्रप्रयाग में कांग्रेस कार्यकर्ता दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी के निरीक्षण भवनों पर ‘रक्षा सूत्र’ बांधकर इस विरोध अभियान की शुरुआत करेंगे।
-
राज्यव्यापी विरोध: केदार घाटी समेत पूरे उत्तराखंड की सरकारी धरोहरों और जमीनों को निजी हाथों में जाने से रोकने के लिए जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।



