
देहरादून के सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नीति आयोग के वरिष्ठ सदस्यों (प्रो. एम. श्रीनिवास और प्रो. के.वी. राजू) और शासन के उच्चाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में विकास की संभावनाओं, नवाचार, रोजगार सृजन और स्थानीय चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा करना था।
कृषि और उद्यानिकी में नई संभावनाएं
राज्य में हॉर्टिकल्चर, फ्लोरिकल्चर, फिशरीज और हनी प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर मार्केट लिंकेज और वैल्यू एडिशन पर जोर दिया जा रहा है।
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उन्नत बागवानी: किसानों की आय बढ़ाने के लिए हाई डेंसिटी एप्पल फार्मिंग, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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नीति आयोग से सहयोग: योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नीति आयोग से प्रोजेक्ट प्रोपोजल रिपोर्ट (PPR) का परिणाम आधारित प्रारूप साझा करने का अनुरोध किया गया है।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास
नीति आयोग के सदस्यों ने स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुझाव दिए:
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आभा (ABHA) आईडी: डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को मजबूत करने और नागरिकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए आभा आईडी का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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श्रमबल का कौशलीकरण: स्थानीय श्रमिकों को ऑनलाइन ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कुशल बनाने और उन्हें सीधे रोजगार के अवसरों से जोड़ने का सुझाव दिया गया।
उद्योग और एरोमा सेक्टर का विस्तार
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एरोमा सेक्टर में निजी उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने पर सहमति बनी।
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उत्पादन को बाजार की मांग से जोड़ने और उत्पादों की ग्रेडिंग व ट्रेसेबिलिटी व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
प्रमुख चुनौतियां और समाधान
बैठक के दौरान राज्य की प्रमुख पर्यावरणीय और सामाजिक चुनौतियों को रेखांकित किया गया:
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मानव-वन्यजीव संघर्ष: बंदरों और जंगली सूअरों द्वारा फसलों को पहुंचाए जाने वाले नुकसान को रोकने के लिए वैज्ञानिक उपाय।
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वनाग्नि नियंत्रण: जंगलों की आग की घटनाओं से निपटने के लिए तकनीकी और स्थानीय स्तर पर प्रभावी तंत्र का विकास।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु व आर. मीनाक्षी सुन्दरम, नीति आयोग की सलाहकार नीलम पटेल, सचिव डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्दांकी, ज्योति यादव, धीराज सिंह गर्ब्याल, रंजना राजगुरू और अपर सचिव नरेन्द्र सिंह भण्डारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



