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Spicejet पर ₹124.65 करोड़ का जीएसटी जुर्माना, मंडराया रजिस्ट्रेशन रद्द होने का संकट

नई दिल्‍ली: जीएसटी डिपार्टमेंट ने बजट एयरलाइन स्‍पाइसजेट को नोटिस जारी किया है। इसके तहत 124.65 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड की गई है। कई महीनों तक जीएसटी रिटर्न फाइल न करने के लिए यह नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है।
उन्‍होंने यह भी बताया कि इस एयरलाइन को अपने जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द होने की कार्रवाई का भी सामना करना पड़ रहा है। यह एयरलाइन आर्थिक संकट से जूझ रही है।

गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स (जीएसटी) डिपार्टमेंट ने बार-बार देरी और रिटर्न फाइल करने में नियमों का पालन न करने के कारण यह ऐक्‍शन लिया है। स्‍पाइसजेट का जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द करने का प्रस्ताव देते हुए एक ‘कारण बताओ नोटिस’ भी जारी किया है।

डेडलाइन के भीतर नहीं फाइल किया रिटर्न

अधिकारियों के अनुसार,

  • यह टैक्स डिमांड CGST और SGST अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत उठाई गई।
  • सेक्शन 62 के तहत किए गए एक अस्थायी मूल्यांकन के बाद ऐसा किया गया।
  • कारण है कि एयरलाइन तय समय सीमा के भीतर रिटर्न फाइल करने में विफल रही थी।

जीएसटी अधिकारियों ने कहा कि स्‍पाइसजेट ने रिटर्न फाइल करने में लगातार अनियमितताएं की हैं और बार-बार उन्हें देरी से जमा किया है।

इस तरह बढ़ा टैक्स

मूल्यांकन के अनुसार, विभाग ने नवंबर के लिए 44.44 करोड़ रुपये, दिसंबर के लिए 43.79 करोड़ रुपये, जनवरी के लिए 12.19 करोड़ रुपये, फरवरी के लिए 12.10 करोड़ रुपये और मार्च के लिए 12.12 करोड़ रुपये की मांग उठाई है।

नवंबर 44.44
दिसंबर 43.79
जनवरी 12.19
फरवरी 12.10
मार्च 12.12

जीएसटी रद्द होने की लटकी तलवार

अधिकारियों ने बताया कि एयरलाइन का जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द करने के संबंध में 25 मई, 2026 को एक ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया था। लेकिन, कंपनी ने अभी तक लंबित अनुपालन जरूरतों को पूरा नहीं किया है।

एक अधिकारी ने कहा, ‘अगर स्‍पाइसजेट अपने लंबित रिटर्न तुरंत फाइल नहीं करती है और जीएसटी कानून के तहत अपने वैधानिक दायित्वों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं करती है तो नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।’

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