
देहरादून में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में राज्य स्तरीय भव्य समारोह आयोजित किए गए। परेड ग्राउंड में लेफ्टिनेंट जनरल (से नि) राज्यपाल गुरमीत सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सैनिकों को सलामी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के संबोधन
राज्यपाल ने परेड के दौरान उपस्थित नागरिकों और अधिकारियों को शुभकामनाएँ दी और संविधान निर्माताओं, स्वतंत्रता सेनानियों और सशस्त्र बलों को नमन करते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में सभी नागरिकों की सहभागिता पर जोर दिया। उन्होंने आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सकारात्मक उपयोग को राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक बताया और उत्तराखण्ड की नारी शक्ति तथा युवाओं के नवाचारों की सराहना की। राज्यपाल ने एकता, अखंडता और ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना बनाए रखने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों, शहीद राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
संचालक और प्रमुख अधिकारियों के कार्यक्रम
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और अधिकारियों तथा कर्मचारियों को संविधान और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना हर सरकारी कर्मी का कर्तव्य है। उन्होंने ‘विकसित भारत @2047’ का साझा दायित्व बताते हुए नागरिकों की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य मानने और उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने पर जोर दिया। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने सूचना भवन परिसर में ध्वजारोहण करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से संविधान के प्रति निष्ठा और देश की एकता बनाए रखने की शपथ दिलाई।
राज्य स्तरीय झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
परेड ग्राउंड में सूचना विभाग की ‘‘उत्तराखण्ड रजत जयंती एवं शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन’’ झांकी ने लगातार तीसरी बार प्रथम स्थान प्राप्त किया। झांकी में गंगा मंदिर और मुखवा, राज्य गठन के 25 गौरवशाली वर्ष, आयुर्वेद, होम-स्टे योजना, खरसाली स्थित यमुना मंदिर और राज्य के सतत विकास के स्तंभों को प्रभावशाली रूप में प्रदर्शित किया गया। झांकी में ऐंपण कला की पृष्ठभूमि ने पारंपरिक लोक कला को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़कर आकर्षण बढ़ाया। संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग को तृतीय स्थान मिला।
परेड में 14वीं डोगरा रेजीमेंट, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, हिमाचल पुलिस, पीएसी, महिला पीएसी, होमगार्ड्स, पीआरडी, एनसीसी बॉयज और गर्ल्स, अश्व दल, पुलिस संचार और अग्निशमन की टुकड़ियों ने भाग लिया। सीआरपीएफ को प्रथम, आईटीबीपी को द्वितीय और 14वीं डोगरा रेजीमेंट को तृतीय स्थान मिला। राज्य के लोक कलाकारों ने छोलिया नृत्य, गढ़वाली नृत्य और पाइप बैंड प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।
भाजपा और अन्य पार्टी कार्यालयों में कार्यक्रम
बलवीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र की एकता के प्रति समर्पण का संदेश दिया। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, प्रेमचंद अग्रवाल और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने राष्ट्र की प्रगति, समृद्धि और लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प लिया।



