राष्ट्रिय

मध्य प्रदेश के सतना-चित्रकूट में बाढ़ का कहर: बांध टूटा, रामघाट पुल बहा; आज 26 राज्यों में बारिश की चेतावनी

अगस्त की विदाई से पहले मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार को हुई तेज बारिश के बाद सतना, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ में बाढ़ जैसे हालात बन गए। चित्रकूट में गोरगी बांध के फूटने के बाद पानी तेजी से निचले इलाकों में पहुंचा। मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट उफान पर रही। तेज बहाव में रामघाट का बड़ा पुल बह गया, जबकि कई इलाकों में सड़कें जलमग्न होने से नाव चलाने की नौबत आ गई। सतना-चित्रकूट मार्ग भी तीन जगह से बंद हो गया। रामघाट और भरतघाट पूरी तरह पानी में डूब गए। घाट के आसपास करीब 400 दुकानें भी बाढ़ की चपेट में आ गईं। नयागांव राजमहल तक पानी पहुंच गया। कई लोग घरों और होटलों में फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीमें लगाई गईं।

आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने रविवार को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश के आसार हैं।

सतना में रेलवे ट्रैक डूबा, ट्रेन रुकी,पन्ना में गांवों का संपर्क कटा

सतना के मझगवां में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से रेल यातायात प्रभावित हुआ। आनंद विहार से रीवा जा रही यात्री ट्रेन कई घंटे तक खड़ी रही। नागौद में थाने और पेट्रोल पंप तक पानी पहुंच गया। कोठी में मकान गिरने से चार भैंस दब गईं, इनमें दो की मौत हो गई। पन्ना में भी लगातार बारिश और बांध से पानी छोड़े जाने के कारण कई गांवों में पानी भर गया। बानसुजारा बांध के आठ गेट खोलकर धसान नदी में 792 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा गया। इसके बाद आसपास के इलाकों में जलस्तर बढ़ गया और कई गांव टापू जैसे नजर आए।

प्रदेश में अब तक 27 इंच बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में अब तक करीब 694.5 मिलीमीटर यानी 27 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 762.3 मिलीमीटर यानी करीब 30 इंच मानी जाती है। इस लिहाज से प्रदेश में अब भी करीब 2.7 इंच बारिश कम है। कुल मिलाकर बारिश सामान्य से करीब 9 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में करीब 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। प्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि 16 जिलों में औसत से ज्यादा पानी गिर चुका है।

जून की कमी अभी पूरी नहीं हुई

जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में तेज बारिश से स्थिति सुधरी और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया, जिससे कई दिनों तक बारिश कमजोर रही। अब अगस्त के आखिरी सप्ताह में सक्रिय हुए सिस्टम ने फिर बारिश बढ़ा दी है, लेकिन जून में हुई कमी की पूरी भरपाई अभी नहीं हो सकी है।

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