उत्तराखंडराज्य

देवभूमि में आस्था का सैलाब: चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या

उत्तराखंड की देवतुल्य घाटियों में संचालित चारधाम यात्रा इस वर्ष भक्ति और उत्साह के नए प्रतिमान स्थापित कर रही है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, आस्था के इस महाकुंभ में अब तक 2,38,590 श्रद्धालु चारों पवित्र धामों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री—के दर्शन कर अपनी यात्रा सफल बना चुके हैं। शनिवार शाम तक के आंकड़ों के अनुसार, केवल एक ही दिन में 55,998 तीर्थयात्रियों का आगमन हुआ, जो यात्रा की लोकप्रियता को दर्शाता है।

बाबा केदार के दरबार में उमड़ा जनसैलाब

श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले कई रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। 22 अप्रैल को कपाट खुलने के मात्र चार दिनों के भीतर ही 1,24,782 भक्त बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। शनिवार का दिन विशेष रहा, जहाँ 31,160 श्रद्धालुओं ने हिमालय की गोद में स्थित इस ज्योतिर्लिंग के समक्ष शीश नवाया।

बद्रीविशाल के दर्शन हेतु उमड़ी भारी भीड़

भगवान विष्णु के पावन धाम श्री बद्रीनाथ में भी भक्तों का तांता लगा हुआ है। 23 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक 37,884 श्रद्धालु बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। अकेले शनिवार को ही 13,107 तीर्थयात्रियों ने धाम पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

यमुनोत्री एवं गंगोत्री: आस्था की अविरल धारा

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम, जिनके कपाट 19 अप्रैल को खुले थे, वहां भी श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। 25 अप्रैल तक इन दोनों धामों में कुल 75,924 श्रद्धालु अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। शनिवार के विशेष आंकड़े इस प्रकार रहे:

  • यमुनोत्री धाम: 38,206 श्रद्धालु (कुल संचयी)

  • गंगोत्री धाम: 37,718 श्रद्धालु (कुल संचयी)

प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा प्रबंध

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और यात्रा मार्गों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए उत्तराखंड प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। यात्रा मार्गों, पंजीकरण केंद्रों (Registration Centers) और चारों धामों में सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। सरकार का मुख्य ध्येय ‘सुगम और सुरक्षित चारधाम यात्रा’ सुनिश्चित करना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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