
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में विभिन्न विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए करीब 190 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियों को मंजूरी दी है। स्वीकृत राशि से ऊर्जा, सड़क, पुल, पर्यटन और पुलिस व्यवस्था से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। इनमें पिथौरागढ़ की 12 मेगावाट क्षमता वाली तांकुल जल विद्युत परियोजना का निर्माण भी शामिल है।
तांकुल जल विद्युत परियोजना के लिए 159.60 करोड़ मंजूर
पिथौरागढ़ जिले में 12 मेगावाट क्षमता की तांकुल जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड के माध्यम से 159.60 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा चौकोड़ी स्थित पर्यटक आवास गृह के उच्चीकरण और विस्तारीकरण के लिए 4.75 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों को भी मिली मंजूरी
टिहरी गढ़वाल के धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड जौनपुर में सौड़ी लग्गा-क्यारी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 3.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
वहीं, देहरादून के सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में क्षतिग्रस्त आंतरिक मार्गों के इंटरलॉकिंग टाइल्स निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के लिए 4.23 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी गई है।
पौड़ी और कोटद्वार में सड़क-पुल परियोजनाओं को गति
पौड़ी विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड कल्जीखाल में कांसखेत-असगड़-घंडियाल-धार-अलासू-कुनकुली मोटर मार्ग के किलोमीटर 13 से 17 तक सुधारीकरण के लिए 3.45 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इसके साथ ही कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के दुगड्डा विकासखंड स्थित गब्बर सिंह कैंप में 36 मीटर स्पान डबल लेन सेतु के निर्माण के लिए 3.31 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
पुलिस विभाग को मिलेंगे 75 नए वाहन
राज्य में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग को 75 नए वाहन खरीदने की भी मंजूरी दी गई है। इनमें 21 स्कॉर्पियो, 26 बोलेरो, चार 32-सीटर बस, आठ 24-सीटर बस, आठ 12-सीटर बस, पांच 11 टन ट्रक और तीन चार टन ट्रक शामिल हैं।
इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 में पांच दंगा नियंत्रण एवं जैमर वाहनों के अवशेष भुगतान के लिए 68.01 लाख रुपये सहित कुल 12 करोड़ रुपये पुलिस महानिदेशक के निवर्तन पर रखे जाने को भी स्वीकृति दी गई है।
ऊर्जा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार, इन वित्तीय स्वीकृतियों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी। साथ ही ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलने के साथ पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण में भी मदद मिलेगी।


