नई दिल्लीराज्य

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर, तकनीक और फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए तकनीक के अधिक उपयोग, फसल विविधीकरण और पशुपालन के वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ-साथ पशुपालन और अन्य आय के स्रोतों को भी मजबूत करना बेहद जरूरी है।

एक ही फसल पर निर्भरता जोखिम भरी

प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल एक ही फसल पर निर्भर रहना किसानों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। बदलते मौसम और बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए खेती में विविधता लाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से सरकार क्रॉप डायवर्सिफिकेशन, प्राकृतिक खेती और दलहन-तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न अभियान चला रही है।

पशुपालन में वैज्ञानिक प्रबंधन पर फोकस

उन्होंने बताया कि पशुपालन क्षेत्र में बेहतर नस्ल, वैज्ञानिक प्रबंधन और रोगों की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। “वन अर्थ, वन हेल्थ” की सोच के तहत पौधों, पशुओं और मनुष्यों के स्वास्थ्य को एक साथ ध्यान में रखते हुए नीतियां तैयार की जा रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब वैक्सीन उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन चुका है। पशुओं को Foot and Mouth Disease से बचाने के लिए देशभर में सवा सौ करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन और पशुपालकों को वित्तीय सहायता

प्रधानमंत्री ने बताया कि Rashtriya Gokul Mission के तहत नई तकनीकों और उन्नत नस्लों के विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही पशुपालन से जुड़े किसानों को Kisan Credit Card की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने Animal Husbandry Infrastructure Development Fund भी शुरू किया है, जिससे पशुपालन क्षेत्र में आधुनिक ढांचे और सुविधाओं का विकास हो सके।

गोबरधन योजना से आय और ऊर्जा के नए अवसर

प्रधानमंत्री ने GOBARdhan Scheme का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों में पशुओं से निकलने वाले गोबर और अन्य जैविक कचरे का उपयोग स्वच्छता, आय और ऊर्जा उत्पादन के नए अवसर पैदा कर सकता है। इससे किसानों को दूध के साथ-साथ गोबर से भी अतिरिक्त आय मिल सकती है, जबकि बायोगैस उत्पादन से ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने राज्य सरकारों से इस योजना को प्राथमिकता देने और तेजी से आगे बढ़ाने की अपील की।

कृषि में तेजी से बढ़ रहा तकनीक का उपयोग

प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। e-NAM (National Agriculture Market) के माध्यम से किसानों को देशभर के बाजारों तक आसान पहुंच मिल रही है। वहीं AgriStack India के जरिए कृषि क्षेत्र के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अब तक लगभग नौ करोड़ किसानों की किसान आईडी बनाई जा चुकी है और करीब 30 करोड़ भूमि पार्सलों का डिजिटल सर्वे भी किया जा चुका है।

राज्यों से योजनाओं के प्रभावी उपयोग की अपील

प्रधानमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब संस्थाएं उसे अपनाएं और उद्यमी उसके आधार पर नए नवाचार करें। उन्होंने राज्यों से भी कृषि क्षेत्र के लिए निर्धारित बजट और योजनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

ग्रामीण विकास योजनाओं से मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था

ग्रामीण विकास के लिए चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि Pradhan Mantri Awas Yojana, SVAMITVA Scheme और Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana जैसी पहलों से गांवों में बुनियादी ढांचा और आर्थिक गतिविधियां तेजी से मजबूत हो रही हैं।

इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता देकर ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। Lakhpati Didi Yojana के तहत अब तक लगभग तीन करोड़ ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन चुकी हैं और वर्ष 2029 तक तीन करोड़ और महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

स्टोरेज और एग्री-प्रोसेसिंग में निवेश बढ़ाने की जरूरत

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में बड़े स्तर पर स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए लाखों गोदाम बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही एग्री-प्रोसेसिंग, सप्लाई चेन, एग्री-टेक, एग्री-फिनटेक और कृषि निर्यात के क्षेत्र में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देना समय की मांग है।

उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी और बजट का लाभ देश के गांव-गांव तक पहुंचेगा।

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