
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में आरटीआई अधिनियम (सूचना का अधिकार कानून) के लागू होने के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने आरटीआई के तहत सराहनीय कार्य करने वाले 5 लोक सूचना अधिकारियों और 5 अपीलीय अधिकारियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और यह पारदर्शी शासन व्यवस्था की आधारशिला है। इस कानून ने शासन और नागरिकों के बीच विश्वास, जवाबदेही और पारदर्शिता को सशक्त किया है।
सम्मानित अधिकारियों की सूची
मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित अधिकारी इस प्रकार हैं:
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जिलाधिकारी बागेश्वर: आकांक्षा कोंडे (तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार)
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मुख्य विकास अधिकारी देहरादून: अभिनव शाह
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी: आयुष अग्रवाल
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उत्तराखंड लोक सेवा आयोग उपसचिव: डॉ. प्रशांत
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उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा: एस.एस. चौहान
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अनु सचिव: राजन नैथानी
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प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पिथौरागढ़: ललित मोहन जोशी
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वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रामनगर वन प्रभाग: कमला शर्मा
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सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी: लियाकत अली खान
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जिला विकास अधिकारी हरिद्वार: वेद प्रकाश
आरटीआई और डिजिटल शासन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है।
मुख्य बिंदु:
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डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस और ऑनलाइन पोर्टल
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डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और जन-सुनवाई
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प्रशासनिक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण और ऑनलाइन सेवाओं की उपलब्धता
राज्य सूचना आयोग को अब तक 13 लाख से अधिक आरटीआई आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण हो चुका है। वर्तमान में केवल 700 प्रकरण लंबित हैं।
आरटीआई के उपयोग में जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरटीआई का महत्व जितना है, इसका जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग उतना ही जरूरी है। उन्होंने सूचना के दुरुपयोग पर चिंता जताई और निर्देश दिए कि विभाग बार-बार मांगी जाने वाली सूचनाओं को अपनी वेबसाइट पर नियमित रूप से उपलब्ध कराएं। इससे नागरिकों को स्वतः जानकारी मिलेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
इस अवसर पर मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी, राज्य सूचना आयुक्त देवेंद्र कुमार आर्य, दलीप सिंह कुंवर, कुशलानन्द और उत्तराखंड अवस्थापन अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।



