
रुद्रपुर: मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) उत्तराखंड के निर्देशों के क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ऊधम सिंह नगर ने जिले की सभी स्वास्थ्य इकाइयों को अलर्ट जारी किया है। अत्यधिक वर्षा, बाढ़ और पेयजल स्रोतों के दूषित होने से फैलने वाले जल जनित (Water-borne) रोगों की रोकथाम के लिए यह कदम उठाया गया है।
बीमारियों की आशंका और दवाओं का पर्याप्त स्टॉक
CMO डॉ. एस. के. गोस्वामी ने बताया कि दूषित पानी और जलभराव के कारण वायरल हेपेटाइटिस, डायरिया, हैजा, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और टायफाइड जैसी बीमारियां फैल सकती हैं।
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जरूरी दवाएं: सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में ORS, IV फ्लूइड्स और एंटीबायोटिक्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जल परीक्षण सामग्री: पानी के विसंक्रमण (Disinfection) के लिए ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन टेबलेट्स, OT सॉल्यूशन और H2S स्ट्रिप्स का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है।
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बेड्स की व्यवस्था: मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में त्वरित इलाज के लिए अस्पतालों में अतिरिक्त बेड्स आरक्षित रखे जाएंगे।
रैपिड रिस्पांस टीमें 24×7 अलर्ट, IDSP पोर्टल पर होगी निगरानी
स्वास्थ्य विभाग ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बहुस्तरीय रणनीति बनाई है:
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जिला एवं ब्लॉक स्तर की रैपिड रिस्पांस टीमों (RRT) को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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कहीं भी बीमारी का क्लस्टर मिलने पर एपिडेमियोलॉजिस्ट, फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर नियंत्रण करेगी।
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सभी अस्पतालों को प्रतिदिन मामलों की प्रविष्टि IDSP पोर्टल पर करना अनिवार्य होगा। किसी भी मरीज की मौत होने पर डेथ ऑडिट (Death Audit) किया जाएगा।
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जल संस्थान के साथ समन्वय बनाकर पेयजल स्रोतों की जांच और नगर निगम व पंचायती राज विभाग के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की आम जनमानस से अपील
CMO डॉ. गोस्वामी ने नागरिकों से बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:
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सुरक्षित पेयजल: पानी को हमेशा उबालकर या विसंक्रमित करके ही पिएं और ढककर रखें।
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भोजन एवं स्वच्छता: ताजे खाद्य पदार्थों का सेवन करें। खाना पकाने, खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ अवश्य धोएं।
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साफ-सफाई: घर और आसपास जलजमाव न होने दें, पानी की टंकियों को ढककर रखें और केवल शौचालय का ही प्रयोग करें।



