उत्तराखंडराज्य

हरिद्वार में ‘मशरूम ग्राम’ का शुभारंभ, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसानों और युवाओं को रोजगार के नए अवसर दिए

हरिद्वार – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जनपद के बुग्गावाला में एमबी फूड्स द्वारा विकसित ‘मशरूम ग्राम’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने एमबी फूड्स की टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि मशरूम उत्पादन कम भूमि, कम जल और कम समय में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है, जिससे किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।

स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण

धामी ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। स्वयं सहायता समूहों को भी आर्थिक मजबूती प्राप्त होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि ‘मशरूम ग्राम’ मॉडल राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा और कृषि आधारित उद्यमिता को नई दिशा देगा।

केंद्र और राज्य सरकार की कृषि योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के 11 करोड़ किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिसमें उत्तराखंड के लगभग 9 लाख किसान लाभान्वित हैं। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

उन्होंने किसान मानधन योजना, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्र सब्सिडी, बूंद-बूंद सिंचाई योजना और डिजिटल कृषि मिशन जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। इस वर्ष के बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करना ऐतिहासिक निर्णय है।

कृषि उपकरण और पॉलीहाउस योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण और नहरों से मुफ्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पॉलीहाउस निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत अब तक लगभग 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।

बोनस, नई नीतियां और हाउस ऑफ हिमालयाज

गेहूं खरीद पर प्रति क्विंटल 20 रुपये का बोनस, गन्ने के दामों में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी योजनाओं से राज्य में कृषि और बागवानी को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जा रहा है। ‘महक क्रांति’ के माध्यम से सुगंध फसलों की खेती को बढ़ावा देकर हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ दिया जा रहा है।

‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से राज्य के स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों से उत्तराखंड कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित होगी।

जनसहभागिता और सहयोग का आह्वान

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने बुग्गावाला और हरिद्वार क्षेत्र के नागरिकों से सरकार के प्रयासों में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से ही देवभूमि उत्तराखंड को कृषि सहित सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

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