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बुमराह की सटीक बॉलिंग, अक्षर का हैरतअंगेज कैच, ये हैं टीम इंडिया की जीत के 5 नायक

नई दिल्ली. मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में रोंगटे खड़े कर देने वाले सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश किया. 253/7 का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर भारत ने वर्ल्ड कप नॉकआउट इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया. हालांकि, इंग्लैंड के जैकब बेथल ने जुझारू शतक जड़कर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी थी, लेकिन अंतिम ओवरों के रोमांच में टीम इंडिया के जांबाजों ने बाजी मार ली. इस ऐतिहासिक जीत की पटकथा संजू सैमसन की 89 रनों की आतिशी पारी और जसप्रीत बुमराह की जादुई गेंदबाजी ने लिखी. मैच का असली टर्निंग पॉइंट बाउंड्री पर अक्षर पटेल का वो हैरतअंगेज कैच और हार्दिक पांड्या-शिवम दुबे का दबाव में किया गया शानदार बचाव रहा. वानखेड़े में गूंजता ‘इंडिया-इंडिया’ का शोर इस बात का गवाह बना कि रोहित और सूर्या की यह सेना अब विश्व विजेता बनने से महज एक कदम दूर है. ये 5 खिलाड़ी भारत की जीत के हीरो रहे.

ओपनर संजू सैमसन (Sanju Samson) ने अपनी 42 गेंदों में 89 रनों की पारी से इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस कर दिया. विराट कोहली के नॉकआउट रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए संजू ने 7 गगनचुंबी छक्के जड़े. शुरुआत में मिले जीवनदान का फायदा उठाते हुए उन्होंने भारत को उस ऐतिहासिक स्कोर तक पहुँचाया, जिसने मैच की नींव रखी.

जसप्रीत बुमराह ‘द गोल्डन आर्म’

जहां अन्य गेंदबाज रनों की बारिश में भीग रहे थे वहीं बुमराह ने 8.2 की इकोनॉमी से गेंदबाजी कर क्लास दिखाई. मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट उनका 18वां ओवर रहा, जिसमें उन्होंने सेट बल्लेबाज जैकब बेथल के सामने मात्र 6 रन दिए. उनकी सटीक यॉर्कर ने इंग्लैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

अक्षर पटेल का ‘वो करिश्माई कैच’

जब विल जैक्स और बेथल की 77 रनों की साझेदारी भारत के हाथ से मैच छीन रही थी, तब अक्षर पटेल ने बाउंड्री पर एक असंभव सा कैच लपककर मैच का रुख पलट दिया. अर्शदीप की गेंद पर दौड़ते हुए संतुलन बनाना और फिर शिवम दुबे के साथ मिलकर उस ‘रिले कैच’ को पूरा करना मैच का सबसे बड़ा ‘मोमेंट’ साबित हुआ.

हार्दिक पांड्या परफेक्ट ऑलराउंडर

हार्दिक ने बल्ले से अंत में ताबड़तोड़ रन जोड़े और गेंद से भी कमाल दिखाया. उनका 19वां ओवर निर्णायक रहा, जिसमें उन्होंने केवल 9 रन दिए और सैम कुरेन का विकेट लिया. इतना ही नहीं, अंतिम ओवर में बाउंड्री से सटीक थ्रो फेंककर जैकब बेथल को रन-आउट करना भारत की जीत की अंतिम मुहर थी.

शिवम दुबे ‘प्रेशर में भी अडिग’

बल्लेबाजी में 25 गेंदों पर 43 रनों की आक्रामक पारी खेलने के बाद, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शिवम दुबे पर अंतिम ओवर का जुआ खेला. हालांकि आर्चर ने उन पर तीन छक्के जड़े, लेकिन दुबे ने अपना धैर्य नहीं खोया और आखिरी गेंदों पर रन बचाकर भारत को 7 रन की ऐतिहासिक जीत दिला दी.

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