
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्द्वानी में आयोजित ‘गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों ने हिस्सा लिया।
सैनिक जीवनभर राष्ट्रभक्त रहता है: मुख्यमंत्री
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को नमन किया:
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‘अभूतपूर्व’ सम्मान: मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक कभी पूर्व या भूतपूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है। उत्तराखंड के पूर्व सैनिक अपने अनुशासन और अनुभव से समाज को दिशा दे रहे हैं।
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सैन्य परिवार का अनुभव: स्वयं सैनिक पुत्र होने के नाते मुख्यमंत्री ने सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग, संघर्ष और अनुशासन को करीब से समझने की बात कही।
सैनिक कल्याण के लिए ऐतिहासिक फैसले
मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा सैनिकों और उनके परिवारों के हित में उठाए गए कदमों की जानकारी दी:
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अनुग्रह राशि में वृद्धि: शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है।
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परमवीर चक्र विजेताओं का सम्मान: एकमुश्त अनुदान राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹2 करोड़ कर दी गई है।
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सरकारी सेवा में अवसर: बलिदानी सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में आवेदन की समय-सीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष की गई है।
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स्टांप शुल्क में छूट: सेवारत व पूर्व सैनिकों को ₹25 लाख तक की अचल संपत्ति खरीदने पर 25% की छूट दी जा रही है।
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सैन्य धाम: देहरादून के गुनियाल गांव में ‘सैन्य धाम’ का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
केंद्र सरकार और सैन्य सशक्तीकरण
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना आधुनिक और सशक्त हुई है। सीमावर्ती गांवों को अब ‘अंतिम’ नहीं, बल्कि देश का ‘पहला गांव’ मानकर विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके आश्रितों की शिक्षा, रोजगार व अन्य सुविधाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



