
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को खटीमा स्थित लोहियाहेड हेलीपैड और कैंप कार्यालय में आम जनता और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं और शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट लहजे में निर्देशित किया कि जनता की हर समस्या का समाधान पूरी संवेदनशीलता और शीघ्रता के साथ किया जाए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आम जनता की समस्याओं का समय पर निस्तारण करना ही उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री की मुहिम: ‘सिर्फ पौधारोपण नहीं, संरक्षण भी है जरूरी’
जनता से संवाद के उपरान्त, मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर कैंप कार्यालय परिसर (लोहियाहेड) में खुद पौधारोपण कर पूरे प्रदेश को पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारा कर्तव्य केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जब तक वह एक मजबूत पेड़ न बन जाए, तब तक उसका पालन-पोषण और संरक्षण करना भी हमारी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरे राज्य में अधिक से अधिक फलदार पौधे लगाने के निर्देश दिए, ताकि पर्यावरण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आजीविका को भी बढ़ावा मिल सके।

उधमसिंह नगर में रोपे जाएंगे 4 लाख पौधे: जिलाधिकारी
इस महाअभियान की रूपरेखा साझा करते हुए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए पूरे जनपद में एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इस विशेष हरित अभियान के तहत जिले भर में कुल 4 लाख से अधिक पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें प्रशासनिक अमले के साथ-साथ आम जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
इस खास मौके पर मौजूद रहे प्रमुख जन-प्रतिनिधि और उच्चाधिकारी
खटीमा के इस कार्यक्रम में शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कई गणमान्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, महामंत्री रमेश जोशी, अमित कुमार पांडे, रनदीप पोखरिया और भवानी भंडारी शामिल थे।
प्रशासनिक मोर्चे पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी (ADM) कौस्तुभ मिश्रा और उप जिलाधिकारी (SDM) गौरव पांडे सहित तमाम आला अधिकारी व्यवस्थाओं को संभालने और जनसमस्याओं को नोट करने के लिए मौके पर मुस्तैद रहे।



