
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में विभिन्न विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों को गति देने के लिए करीब ₹62 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत धनराशि से प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास तथा जनहित से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
सीवर शोधन संयंत्र और नाबार्ड की योजनाओं को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने देहरादून के टपकेश्वर महादेव, गढ़ी डाकरा कैंट क्षेत्र में 8 एमएलडी क्षमता के सीवर शोधन संयंत्र के लिए भूमि खरीद हेतु ₹6.62 करोड़ की स्वीकृति दी है।
इसके साथ ही नाबार्ड वित्तपोषित 21 योजनाओं के लिए ₹41.37 करोड़ की धनराशि भी मंजूर की गई है। इन योजनाओं से राज्य में विभिन्न विकास कार्यों को गति मिलेगी।
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को मिलेगी रफ्तार
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत मुख्यमंत्री ने बल्ली बैरिकेटिंग, चक्रव्यूह बैरियर, अस्थायी फायर वॉच टावर सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए ₹5.46 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
इसके अलावा श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आठ अस्थायी रैन बसेरों के निर्माण के लिए ₹6.85 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास पर जोर
राज्य के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास के लिए भी कई योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इनमें द्वाराहाट स्थित सुकेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार, अल्मोड़ा के सेराघाट स्थित मां मंगला भगवती मंदिर परिसर में धर्मशाला निर्माण और पिथौरागढ़ के बुद्धेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं धर्मशाला निर्माण कार्य शामिल हैं।
वहीं, ऊधमसिंह नगर के किच्छा क्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क और तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए ₹25 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।
पूर्व सैनिकों के छात्रों के लिए सहायता राशि जारी
मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व सैनिकों के इंजीनियरिंग, मेडिकल और पीएचडी की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने के लिए कारगिल शहीद परिवार मुख्यमंत्री सहायता कोष से ₹36.84 लाख जारी करने का भी अनुमोदन किया है।
वाइब्रेंट विलेज में थाना दिवस और रात्रि चौपाल को मंजूरी
इसके अलावा चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर के वाइब्रेंट विलेज में ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘थाना दिवस’ और ‘रात्रि चौपाल’ कार्यक्रम संचालित करने को भी मंजूरी दी गई है।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को कानून-व्यवस्था संबंधी सहायता, दस्तावेज सत्यापन, चरित्र प्रमाण पत्र, साइबर जागरूकता और पुलिस से जुड़ी शिकायतों के समाधान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।



