
देहरादून। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए राहत भरी खबर आई है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने घोषणा की है कि नए वित्तीय वर्ष से सेवानिवृत्ति पर कार्यकत्रियों को न्यूनतम 1 लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी। यह निर्णय सोमवार को सचिवालय स्थित एचआरडीसी सभागार में हुई समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया।
मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रिटायरमेंट के समय केवल 35 से 40 हजार रुपये मिलते हैं। इसे बढ़ाने के लिए विभाग लंबे समय से प्रयासरत था। नई योजना के तहत कार्यकत्रियों को मासिक 300 रुपये का योगदान करना होगा। संगठनों की सहमति मिलने के बाद इस निर्णय को अंतिम रूप दिया गया है। यह लाभ 1 अप्रैल 2026 से सेवानिवृत्त होने वाली सभी कार्यकत्रियों को मिलेगा।
एकल महिला स्वरोजगार योजना की समीक्षा
बैठक में एकल महिला स्वरोजगार योजना की समीक्षा भी की गई। मंत्री ने बताया कि छह जनपदों के 504 प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है। स्वीकृत आवेदकों को जनवरी के पहले सप्ताह में धनराशि जारी की जाएगी। अन्य जनपदों के आवेदनों पर प्रक्रिया अभी जारी है।
नंदा गौरा योजना में रिकॉर्ड आवेदन
नंदा गौरा योजना के अंतर्गत इस वर्ष अब तक 45 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। आवेदन की अंतिम तिथि 20 दिसंबर निर्धारित की गई है, जबकि पात्र लाभार्थियों को 15 जनवरी के आसपास धनराशि जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
आंगनबाड़ी सुपरवाइजर पदों पर प्रमोशन
बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सुपरवाइजर पद पर प्रमोशन को लेकर भी निर्णय लिया गया। मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस श्रेणी के तहत रिक्त 88 पदों के लिए एक सप्ताह के भीतर विज्ञप्ति जारी की जाएगी।
वृद्ध महिलाओं के लिए नई योजना
प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों की वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक सहयोग देने के उद्देश्य से एक नई योजना अगले वर्ष शुरू की जाएगी। इसके लिए फिलहाल 8 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध कराया गया है।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार यादव, महिला सशक्तिकरण निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, नीतू फुलेरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



