उत्तर प्रदेशराज्य

गोरखपुर में 170 एकड़ में लगेगा श्रेयस ग्रुप का अल्ट्रा सुपर मेगा प्रोजेक्ट, इथेनाल-ईएनए डिस्टिलरी का होगा उत्पादन

गोरखपुर के धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप में एक बड़े औद्योगिक निवेश की आधारशिला रखी जा रही है। श्रेयस ग्रुप्स ऑफ कंपनीज द्वारा लगभग 8,500 करोड़ रुपये की लागत से अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है, जो पूर्वांचल के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा देगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर समूह के अध्यक्ष एवं केयान डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर भूमि पूजन हेतु समय प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ली विस्तृत जानकारी, जल्द होगा भूमिपूजन

विनय कुमार सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री ने धुरियापार में प्रस्तावित इस विशाल औद्योगिक परियोजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और शीघ्र ही भूमिपूजन के लिए समय निर्धारित करने का आश्वासन दिया। यह परियोजना प्रदेश में निवेश और रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सोलर और बायोफ्यूल आधारित एकीकृत औद्योगिक इकाई

यह प्रोजेक्ट सोलर और बायोफ्यूल आधारित एकीकृत औद्योगिक इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के अंतर्गत 300 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित होगा, जो स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगा और हरित औद्योगिक विकास का उदाहरण प्रस्तुत करेगा। इससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।

अत्याधुनिक डिस्टिलरी और बड़े पैमाने पर उत्पादन

परियोजना के तहत एक अत्याधुनिक डिस्टिलरी प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसकी प्रतिदिन 18 लाख लीटर इथेनॉल और 4 लाख लीटर एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल उत्पादन की क्षमता होगी। इसके साथ ही प्रतिदिन 15 लाख बोतलों की बाटलिंग क्षमता विकसित की जाएगी। प्रीमियम इंग्लिश लिकर, सिंगल माल्ट और बीयर के उत्पादन की भी योजना है, जिससे प्रदेश के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है और गोरखपुर को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

170 एकड़ भूमि की मांग, गीडा ने शुरू की प्रक्रिया

हाल ही में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) द्वारा श्रेयस ग्रुप्स ऑफ कंपनीज को 60.5 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। हालांकि, समूह ने इस अल्ट्रा सुपर मेगा प्रोजेक्ट के समुचित विकास के लिए कुल 170 एकड़ भूमि की मांग की है। गीडा प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि होली के बाद शेष भूमि के लिए विज्ञापन जारी कर आवंटन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

14 हजार रोजगार और 12 हजार आवास की योजना

केयान डिस्टलरीज के सहायक महाप्रबंधक (प्रशासन एवं जनसंपर्क) आत्मानंद सिंह के अनुसार, इस मेगा प्रोजेक्ट से लगभग 14,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। कर्मचारियों के लिए परियोजना परिसर में ही लगभग 12,000 आवासों के निर्माण की योजना बनाई गई है। इससे एक सुव्यवस्थित औद्योगिक टाउनशिप का विकास होगा, जो गोरखपुर के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को सुदृढ़ करेगा।

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