उत्तर प्रदेशराज्य

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला; यूपी की 50 हजार मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जल्द ही राज्य की मेधावी छात्राओं को बड़ा तोहफा देने जा रही है. तोहफे में उनको स्कूटी दी जाएगी. योगी कैबिनेट से ये प्रस्ताव पास हो गया है. कैबिनेट में कई अहम फैसलों पर योगी सरकार ने मुहर लगाई है, जिनमें उच्च शिक्षा विभाग के तीन प्रस्ताव भी शामिल हैं. योगी सरकार जल्द ही कॉलेज की मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने जा रही है. ये स्कूटी रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना के तहत दी जाएंगी.

यूपी की छात्राओं को स्कूटी देगी योगी सरकार

योगी सरकार हर कॉलेज में 2025 -26 में पास टॉप 5% छात्राओं को स्कूटी देगी. बता दें कि कैबिनेट की बैठक में 16 प्रस्तावों पर मुहर लगी है, जिसमें रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना भी शामिल है. छात्राओं को पट्रोल से चलने वाली स्कूटी का वितरण किया जाएगा. इस योजना के तहत दिव्यांग, शहीद, निराश्रित परिवार की छात्राओं को प्रथमिकता दी जाएगी.

स्कूटी के साथ 5 लीटर पेट्रोल भी मिलेगा

जिन परिवारों की इनकम सालाना 12 लाख रुपये से कम है, ऐसे परिवारों की मेधावी छात्राओं को सरकार स्कूटी देगी. योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इससे लगभग 50 हजार छात्राओं को लाभ मिलने का अनुमान है.

330 किमी एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी

इसके अलावा कई अन्य अहम प्रस्तावों पर भी योगी कैबिनेट ने मुहर लगाई है. इनमें प्रयागराज से सोनभद्र तक 330 किमी एक्सप्रेसवे को मंजूरी देना भी शामिल है. विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को हरी झंडी मिल गई है. पूर्वांचल अब एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होने जा रहा है. 117 किमी लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.

महिला कल्याण समेत ये प्रस्ताव भी मंजूर

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव पर मुहर लगी है. ईपीसी मोड में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के निर्माण के लिए विकासकर्ता चयन प्रस्ताव भी पास हुआ है. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव पर मुहर लगी है. ईपीसी मोड में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के निर्माण के लिए विकासकर्ता चयन प्रस्ताव भी पास हुआ है. महिला कल्याण, गृह, उच्च शिक्षा समेत कई विभागों के प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिली है. राज्यकर, परिवहन, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और सहकारिता विभाग के प्रस्ताव भी मंजूर किए गए हैं.

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