
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने दिल्ली स्थित CBI थाना (SC-2) में अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीबीआई की टीम सोमवार को मामले की जांच के लिए ऋषिकेश और देहरादून पहुंच गई है।
हत्याकांड का संक्षिप्त विवरण
साल 2022 के सितंबर महीने में पौड़ी जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या की गई थी। इस हत्याकांड में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और कर्मचारी अंकित गुप्ता शामिल थे। तीनों आरोपियों को सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
नया मोड़: सोशल मीडिया पर खुलासा
मामले में नया मोड़ तब आया जब भाजपा से निष्कासित ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने फेसबुक लाइव वीडियो के जरिए एक कथित वीआईपी, जिसे उन्होंने “गट्टू” नाम दिया, के संलिप्त होने का आरोप लगाया। वीडियो में उन्होंने एक ऑडियो क्लिप का भी जिक्र किया, जिसमें दावा किया गया कि एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास मामले से जुड़ी अहम जानकारी मौजूद है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस खुलासे के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गरमाया। कांग्रेस सहित कई सामाजिक संगठन प्रदेशभर में धरना प्रदर्शन करने लगे। जनता में बढ़ते दबाव और आक्रोश के चलते सीबीआई जांच की मांग और तेज हो गई।
सीबीआई जांच की मंजूरी
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री से मिलकर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। इसके बाद 9 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी। अब, सीबीआई द्वारा केस दर्ज किए जाने और जांच टीम के उत्तराखंड पहुंचने के बाद माना जा रहा है कि इस हत्याकांड में कई छिपे रहस्य सामने आ सकते हैं।



