
हल्द्वानी। वर्ष 2026 के लिए न्यूज पोर्टलों की इनपैनलमेंट प्रक्रिया और निविदा में निर्धारित विज्ञापन दरों को लेकर डिजिटल मीडिया संचालकों में असंतोष है। सोमवार को सूचना महानिदेशालय की ओर से वर्ष 2026 के लिए न्यूज पोर्टलों के इनपैनलमेंट की निविदा खोले जाने के बाद हल्द्वानी में हिमालयन डिजिटल मीडिया एसोसिएशन के बैनर तले पोर्टल संचालकों और पत्रकारों की बैठक आयोजित की गई।
मौजूदा विज्ञापन दरों को बताया अव्यावहारिक
बैठक में न्यूज पोर्टल संचालकों ने कहा कि वर्तमान विज्ञापन दरें डिजिटल मीडिया संस्थानों के संचालन खर्च को देखते हुए व्यवहारिक नहीं हैं। उन्होंने बताया कि न्यूज पोर्टलों को समाचार संकलन, पत्रकारों के मानदेय, तकनीकी संसाधनों, वेबसाइट संचालन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर लगातार खर्च करना पड़ता है।
संचालकों के अनुसार निर्धारित विज्ञापन दरों के चलते छोटे और स्थानीय न्यूज पोर्टलों के सामने आर्थिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन दरों की तत्काल समीक्षा की मांग
बैठक में संचालकों ने महानिदेशक सूचना से विज्ञापन दरों की तत्काल समीक्षा कर उन्हें व्यवहारिक, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने की मांग की। उनका कहना था कि न्यूज पोर्टल आज समाचारों के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की खबरों को व्यापक स्तर पर सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे में विज्ञापन नीति तय करते समय न्यूज पोर्टलों के संचालन से जुड़े आर्थिक पक्ष को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
पोर्टल संचालकों के साथ वार्ता की मांग
संचालकों ने मांग की कि सूचना विभाग न्यूज पोर्टल संचालकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं पर चर्चा करे और आवश्यक समाधान निकाले। उन्होंने विज्ञापन दरों में जरूरी संशोधन किए जाने की भी मांग उठाई।
संचालकों का कहना था कि डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप और बढ़ती भूमिका को देखते हुए ऐसी विज्ञापन नीति बनाई जानी चाहिए, जिससे छोटे और स्थानीय न्यूज पोर्टल भी सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक में गिरीश जोशी, तारा जोशी, ईश्वरी दत्त भट्ट, महेंद्र सिंह नेगी, धर्मानंद खोलिया, सुरेश पाठक, दिनेश पांडेय, हर्ष रावत, अंकित साह, जीवन राज, सचिन जोशी, मोहन कांडपाल, अकरम सिद्दीकी समेत कई पत्रकार और न्यूज पोर्टल संचालक मौजूद रहे।



