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नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने भेजी 10 टन मानवीय सहायता, पीएम मोदी ने जताई एकजुटता

नई दिल्ली: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से मची तबाही के बीच भारत ने तेजी से राहत और मानवीय सहायता पहुंचाई है। आपदा के कुछ ही घंटों के भीतर भारत ने दवाइयों, राशन और अन्य जरूरी सामान समेत 10 टन मानवीय सहायता की पहली खेप नेपाल भेज दी। यह सहायता काठमांडू पहुंच चुकी है।

भारत की त्वरित मदद की सोशल मीडिया पर भी सराहना हो रही है। संकट की घड़ी में भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ खड़ा होने और जरूरत के समय तेजी से सहायता पहुंचाने के लिए जाना जाता है।

भारत ने नेपाल भेजी 10 टन राहत सामग्री

नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। बाढ़ से रसुवा और आसपास के जिलों की कई बस्तियां प्रभावित हुई हैं। इसके बाद भारत ने नेपाल में चल रहे राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सामग्री और जरूरी दवाइयां भेजीं।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि भारत इस मुश्किल समय में नेपाल और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।

विदेश मंत्रालय ने कहा- नेपाल के साथ खड़ा है भारत

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी नेपाल को सहायता भेजे जाने की जानकारी दी। उन्होंने X पर लिखा कि भारत हमेशा नेपाल के साथ खड़ा रहा है।

भारत की ओर से भेजी गई 10 टन मानवीय सहायता नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। यह राहत सामग्री बाढ़ से प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने और राहत कार्यों को गति देने में उपयोगी होगी।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की घोषणा के कुछ ही समय बाद राहत सामग्री काठमांडू पहुंच गई, जो भारत की त्वरित प्रतिक्रिया को दर्शाता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी जताई संवेदना

नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और वहां के लोगों के प्रति अपनी संवेदना जताते हुए कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता से खड़ा है।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत नेपाल सरकार के राहत और बचाव अभियानों में प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।

पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जान-माल की क्षति पर शोक व्यक्त किया और मुश्किल की इस घड़ी में नेपाल के लोगों के प्रति एकजुटता जाहिर की।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों की टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए करीबी समन्वय कर रही हैं।

संकट के समय पड़ोसी देशों की मदद करता रहा है भारत

प्राकृतिक आपदाओं और अन्य संकटों के समय भारत लगातार अपने पड़ोसी देशों की मदद करता रहा है। राहत सामग्री, दवाइयां, बचाव दल और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के जरिए भारत ने कई मौकों पर मानवीय सहायता पहुंचाई है।

नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ के बाद भारत की ओर से कुछ ही घंटों में राहत सामग्री भेजे जाने को दोनों देशों के बीच मजबूत पड़ोसी संबंधों और मानवीय सहयोग की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।

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