उत्तराखंडराज्य

देहरादून में अनुसूचित जाति आयोग की जनसुनवाई, 40 मामलों पर हुई सुनवाई

देहरादून में उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग द्वारा आयोजित दो दिवसीय जनसुनवाई में कुल 40 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। इनमें से 25 मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

धर्मपुर डांडा कार्यालय में हुई सुनवाई

यह जनसुनवाई धर्मपुर डांडा स्थित आयोग कार्यालय में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने की। इस दौरान राज्य के विभिन्न जिलों से आए शिकायतकर्ताओं ने अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं।

कई जिलों से पहुंचे शिकायतकर्ता

जनसुनवाई में देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली और नैनीताल सहित कई जिलों के लोग शामिल हुए। उन्होंने अपनी-अपनी समस्याओं को आयोग के सामने विस्तार से प्रस्तुत किया।

विभिन्न प्रकार की शिकायतों पर सुनवाई

सुनवाई के दौरान भूमि पैमाइश, अवैध कब्जा हटाने, छात्रवृत्ति भुगतान, जातिगत उत्पीड़न, कृषि भूमि दाखिला, आउटसोर्स कर्मियों की सेवा संबंधी विवाद, पदोन्नति, सेवा बहाली, जातिगत भेदभाव और मृतक आश्रित प्रमाणपत्र से जुड़ी शिकायतों पर विचार किया गया।

त्वरित न्याय पर आयोग का फोकस

आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के पीड़ित और वंचित लोगों को समय पर न्याय दिलाना है। उन्होंने बताया कि आयोग नियमित रूप से जनसुनवाई आयोजित कर शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करता है और साथ ही सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने का प्रयास करता है।

अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में संबंधित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी से मामलों का निस्तारण तेजी से होता है। इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमों के तहत पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि लोगों को आयोग के चक्कर न लगाने पड़ें।

अन्य सदस्य भी रहे मौजूद

इस अवसर पर आयोग के सदस्य विशाल मुखिया, सुनीता देवी, राजेश सिंह राजा कोली, मनोज गौतम, सचिव कविता टम्टा, विधि सलाहकार राजू मेहर और सपना रानी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button