
Dehradun में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने और उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर क्षेत्रवार क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) गठित कर व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है।
क्यूआरटी टीमों द्वारा गैस एजेंसियों का निरीक्षण
शुक्रवार को क्यूआरटी टीमों ने विभिन्न गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर एलपीजी की मांग, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था का गहन मूल्यांकन किया। इस दौरान एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराएं और किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने दें।
हेल्पलाइन पर मिली 26 शिकायतें, त्वरित कार्रवाई जारी
जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर एलपीजी आपूर्ति से संबंधित कुल 26 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। कंट्रोल रूम में तैनात जिला खाद्य पूर्ति विभाग की टीम इन शिकायतों के समाधान के लिए तेजी से कार्य कर रही है।
हजारों उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में शुक्रवार को लगभग 24,459 घरेलू उपभोक्ताओं और 269 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिली।
बैकलॉग की स्थिति और कारण
वर्तमान में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का लगभग 93 हजार का बैकलॉग बना हुआ है। वहीं, घरेलू श्रेणी में 36,743 और व्यावसायिक श्रेणी में 1,592 सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है। इस बैकलॉग का मुख्य कारण हाल ही में बुकिंग सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी समस्या को बताया जा रहा है।
तकनीकी समस्या के कारण मैन्युअल वितरण
तीन दिनों तक सॉफ्टवेयर बाधित रहने के चलते गैस वितरण मैन्युअल रजिस्टर के माध्यम से किया गया। इस दौरान करीब 25 हजार से अधिक एंट्रियां की गईं, जिन्हें अब सॉफ्टवेयर में अपडेट किया जा रहा है।
आपूर्ति बढ़ाकर जल्द राहत देने का प्रयास
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति लगातार बढ़ाई जा रही है। लक्ष्य है कि जल्द से जल्द बैकलॉग समाप्त कर उपभोक्ताओं को पूरी तरह से राहत प्रदान की जा सके।



