
देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, सांसद एवं उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि वे भाजपा सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जनता की आवाज बनें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संगठन के विभाग और प्रकोष्ठ केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर सक्रिय होकर आम जनता के साथ सीधा संवाद कायम करें।
सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों में कुमारी शैलजा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने फ्रंटल संगठनों, विभागों, प्रकोष्ठों के अध्यक्षों सहित प्रदेश उपाध्यक्षों, महामंत्रियों और सचिवों के साथ आगामी रणनीतियों पर मंथन किया।
कागजों तक सीमित न रहें संगठन, जल्द गठित हों कार्यकारिणी
कुमारी शैलजा ने सभी फ्रंटल संगठनों और प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए:
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कार्यकारिणी का गठन: सभी विभाग अपनी बची हुई कार्यकारिणी का गठन जल्द से जल्द पूरा करें।
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व्यापक जनसंपर्क: पदाधिकारी प्रदेशभर में दौरे कर संगठन को बूथ और गांव स्तर तक मजबूत करें।
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जनहित के मुद्दों पर घेराव: दलितों के साथ हो रहे कथित अन्याय, महिला सुरक्षा व सम्मान, बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाएं।
जिलों और विधानसभाओं में जल्द नियुक्त होंगे प्रभारी
संगठनात्मक कसावट पर जोर देते हुए कुमारी शैलजा ने घोषणा की कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी जल्द ही सभी जिलों, महानगरों और विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारियों की नियुक्ति करेगी। ये प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बिठाएंगे और चुनावी तैयारियों को गति देंगे।
नेताओं से नहीं, समर्पित कार्यकर्ताओं से जीते जाते हैं चुनाव: गणेश गोदियाल
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पदाधिकारियों को अनुशासन और निष्ठा का पाठ पढ़ाते हुए कहा:
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चुनाव केवल शीर्ष नेताओं के भरोसे नहीं, बल्कि समर्पित और अनुशासित कार्यकर्ताओं की बदौलत जीते जाते हैं।
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कार्यकर्ता भाजपा सरकार की विफलताओं का तथ्यात्मक और मजबूती से विरोध करें।
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गांव-गांव और बूथ स्तर तक पहुंचकर कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों को हर नागरिक तक पहुंचाएं।
बैठक में वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
प्रदेश मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में उत्तराखंड कांग्रेस के सह-प्रभारी सुरेंद्र शर्मा सहित प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, उपाध्यक्ष, महामंत्री, सचिव तथा विभिन्न फ्रंटल संगठनों व प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष मुख्य रूप से मौजूद रहे।



