
देहरादून/गैरसैंण में उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण और जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हिमालयी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध नंदा देवी राजजात यात्रा के आयोजन को लेकर राज्य सरकार व्यापक स्तर पर तैयारियां कर रही है। इस यात्रा के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से अब तक 109.65 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।
विधानसभा सत्र में दी जानकारी
भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में चल रहे 2026 के प्रथम सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान विधायक बृजभूषण गैराला के तारांकित प्रश्न के उत्तर में मंत्री सतपाल महाराज ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित की जाती है। इसके आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
यात्रा संचालन के लिए अधिकारियों की तैनाती
मंत्री ने बताया कि यात्रा के संचालन और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए चमोली के मुख्य विकास अधिकारी को यात्रा अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही चमोली के जिलाधिकारी द्वारा बद्रीनाथ वन प्रभाग गोपेश्वर के प्रभागीय वनाधिकारी और चमोली, कर्णप्रयाग तथा थराली के उपजिलाधिकारियों को जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। यात्रा मार्ग के प्रत्येक पड़ाव पर भी अधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है ताकि व्यवस्थाओं पर निरंतर निगरानी रखी जा सके।
48 विकास कार्यों के लिए स्वीकृत हुआ बजट
सरकार द्वारा यात्रा की तैयारियों के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से कुल 48 विकास कार्यों के लिए 109.65 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों को संबंधित विभाग अपने-अपने स्तर पर तेजी से पूरा कर रहे हैं, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पर्यटन विभाग ने जारी किए 20 करोड़ रुपये
मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा 19 अक्टूबर 2025 को जारी पत्र के माध्यम से यात्रा की तैयारियों के लिए जिलाधिकारी चमोली को 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध कराई गई है। इस धनराशि का उपयोग आस्था पथ और यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने में किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य इस ऐतिहासिक और धार्मिक यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। सरकार चाहती है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं और व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें।



