
देहरादून। इस वर्ष होली का उत्सव हाथीबड़कला स्थित कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के आवास पर पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक वैभव के साथ मनाया गया। अबीर-गुलाल की सुगंध, ढोल-दमाऊँ की गूंज और फाग की मधुर स्वर लहरियों ने पूरे परिसर को लोकसंस्कृति की जीवंत चित्रशाला में परिवर्तित कर दिया। वातावरण में अपनत्व, सौहार्द और उमंग की अनूठी छटा देखने को मिली।
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की रही सहभागिता
भव्य होली मिलन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, प्रबुद्धजनों, मीडिया प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अतिथियों ने मंत्री को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं और आपसी भाईचारे के साथ पर्व की खुशियाँ साझा कीं।
राठ होलियारों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कुमाऊँ और गढ़वाल से आए राठ होलियारों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ रहीं। खड़ी होली की पारंपरिक धुनों पर गाए गए फाग गीतों ने माहौल को भक्तिमय और रंगमय बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे होलियारों की टोलियों ने जब छोलिया नृत्य प्रस्तुत किया तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। मसकबीन और ढोल-दमाऊँ की गूंजती ताल के साथ उत्तराखंड की समृद्ध लोक विरासत सजीव हो उठी और ऐसा प्रतीत हुआ मानो पहाड़ों की बयार स्वयं शहर में उतर आई हो।
मंत्री ने दिया लोकसंस्कृति संरक्षण का संदेश
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भी होलियारों के साथ फाग गाकर और नृत्य कर कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की। उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि लोकसंस्कृति हमारी अस्मिता की जड़ है और इसे सहेजना तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
होली: समरसता और सद्भाव का पर्व
मंत्री ने कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है। होलिका दहन बुराइयों के अंत और अच्छाइयों की विजय का संदेश देता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि इस अवसर पर ईर्ष्या, कटुता और दुर्भावनाओं को त्यागकर सकारात्मकता और सद्भाव को अपनाने का संकल्प लें। समारोह के समापन पर सभी अतिथियों ने पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया और प्रदेशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि तथा निरंतर प्रगति की कामना के साथ होली का उत्सव हर्षोल्लास से मनाया।



