
देहरादून में उत्तराखंड की सड़क अवसंरचना को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शीघ्र ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के माध्यम से राज्य की प्रमुख सड़क परियोजनाओं को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आवास में हुई अहम तैयारी बैठक
प्रस्तावित केंद्रीय बैठक की तैयारियों को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा के बीच विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बैठक में राज्य की प्राथमिकता वाली सड़क परियोजनाओं, उनकी प्रगति और केंद्र से अपेक्षित सहयोग पर चर्चा की गई।
केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखे जाएंगे प्रमुख प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के समक्ष ऋषिकेश बाईपास, अल्मोड़ा–दन्या–पनार–घाट मार्ग, ज्योलिकोट–खैरना–गैरसैंण–कर्णप्रयाग मार्ग तथा अल्मोड़ा–बागेश्वर–काण्डा–उडियारी बैंड मार्ग से जुड़े प्रस्ताव प्रमुखता से रखे जाएंगे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित राज्य के अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
पर्वतीय क्षेत्रों को मिलेगा बेहतर सड़क संपर्क
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य का सड़क नेटवर्क सुदृढ़ होगा और यातायात व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्वतीय क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे चारधाम यात्रा, पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
केंद्र सरकार का सहयोग और सकारात्मक रुख
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने प्रस्तावित परियोजनाओं पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में सड़क संपर्क सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्र स्तर पर हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
प्रमुख प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं
ऋषिकेश बाईपास परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर तीनपानी से योगनगरी होते हुए खारास्रोत तक 12.67 किलोमीटर लंबा चार लेन बाईपास प्रस्तावित है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹1161.27 करोड़ है। इसमें 4.876 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मार्ग, चन्द्रभागा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल तथा रेलवे पोर्टल पर 76 मीटर लंबा आरओबी शामिल है। इसके अतिरिक्त श्यामपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ₹318 करोड़ की लागत से आरओबी निर्माण का भी प्रस्ताव है।
अल्मोड़ा–दन्या–पनार–घाट मार्ग के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-309बी के 76 किलोमीटर हिस्से में ₹988 करोड़ की अनुमानित लागत से दो लेन चौड़ीकरण प्रस्तावित किया गया है।
ज्योलिकोट–खैरना–गैरसैंण–कर्णप्रयाग मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-109 के अंतर्गत आता है, जिसमें कुल 235 किलोमीटर लंबाई में दो लेन चौड़ीकरण के लिए संरेखण प्रस्ताव तैयार किया गया है।
अल्मोड़ा–बागेश्वर–काण्डा–उडियारी बैंड मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-309ए के अंतर्गत पैकेज 1, 2 और 5 में कुल 84.04 किलोमीटर लंबाई में ₹1001.99 करोड़ की लागत से कार्य प्रस्तावित हैं। काण्डा–बागेश्वर खंड (पैकेज-02) के लिए वन भूमि हस्तांतरण पर भारत सरकार की स्वीकृति भी मिल चुकी है।
विकास को मिलेगी नई दिशा
राज्य सरकार का मानना है कि इन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के पूर्ण होने से उत्तराखंड में आवागमन के साथ-साथ समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।



