
देहरादून। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), देहरादून शाखा कार्यालय द्वारा होटल रेजेंटा, देहरादून में “मानक मंथन – कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व आवश्यकताएँ, आईएस 26001:2024” विषय पर एक महत्वपूर्ण विचार-विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उद्योगों और हितधारकों को सीएसआर से जुड़े नवीन भारतीय मानक आईएस 26001:2024 की आवश्यकताओं से अवगत कराना और इसके प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करना था।
मुख्य अतिथि और उनके विचार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक धर्मपुर विनोद चमोली ने कहा कि सीएसआर सतत विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और उद्योग–समाज के समन्वय का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने उद्योगों से सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
विशेष अतिथि का योगदान
विशेष अतिथि इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने उद्योगों में सीएसआर के प्रभावी कार्यान्वयन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आईएस 26001:2024 को अपनाने से सीएसआर गतिविधियाँ अधिक संरचित, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनेंगी।
तकनीकी और वैधानिक प्रस्तुति
कार्यक्रम में वैज्ञानिक डी एवं तकनीकी समिति के सदस्य सचिव राजीव रंजन ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता करते हुए सीएसआर से संबंधित वैधानिक आवश्यकताओं और आईएस 26001:2024 के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
BIS के दृष्टिकोण और मानकीकरण
बीआईएस देहरादून के निदेशक एवं प्रमुख सौरभ तिवारी ने भारतीय मानक ब्यूरो की भूमिका, “मानक मंथन” कार्यक्रम की मानकीकरण प्रक्रिया में उपयोगिता और प्रबंधन प्रणाली प्रमाण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
प्रतिभागियों की सहभागिता और प्रतिक्रिया
इस अवसर पर उद्योग, उपभोक्ता संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े 80 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की। प्रतिभागियों ने आईएस 26001:2024 को सीएसआर गतिविधियों को प्रभावी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।



