1 अक्टूबर से लागू हुए 10 बड़े बदलाव: PUC चालान, LPG सब्सिडी से लेकर बैंकिंग और प्रॉपर्टी नियमों पर पड़ेगा सीधा असर

आज से अक्टूबर महीने की शुरुआत हो रही है. एक अक्टूबर से एलपीजी सिलेंडर, जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र और जमीन खरीदने समेत कई नियम और व्यवस्थाएं बदलने जा रही हैं. इनमें कुछ बदलाव सीधे आम लोगों की जेब और बैंक खाते से जुड़े हैं.
जानिए कौन-कौनसे 10 बड़े बदलाव आपकी जिंदगी पर असर डाल सकते हैं.
1- PUC नहीं तो 10 हजार का चालान
दिल्ली-NCR में एक अक्टूबर यानी आज से बिना वैध PUC यानी पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों को पेट्रोल-डीजल देने पर रोक की व्यवस्था लागू हो रही है. पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरों और वाहन डेटाबेस के जरिए पीयूसी की जांच की जाएगी यानी अगर आपकी गाड़ी का पीयूसी खत्म हो चुका है तो पेट्रोल पंप जाने से पहले इसे जरूर अपडेट करा लें. इतना ही नहीं पीयूसी चेकिंग के दौरान आप पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लग सकता है.
2- LPG सिलेंडर पर नहीं मिलेगी सब्सिडी
एक अक्टूबर से LPG सब्सिडी का फायदा लेने के लिए आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा, हालांकि बिना बायोमेट्रिक के सिलेंडर मिलना बंद नहीं होगा. ऐसे ग्राहक सिलेंडर तो रिफिल करा सकेंगे, लेकिन उन्हें सब्सिडी वाले रेगुलेटिड प्राइस का फायदा नहीं मिलेगा और लागू मार्केट प्राइस देना पड़ सकता है. ऑथेंटिकेशन गैस एजेंसी, डिलीवरी के समय या तेल कंपनी के ऐप के जरिए किया जा सकता है.
3- बैंकों के लिए कड़े हुए ट्रांसपेरेंसी रूल्स
RBI ने बल्क रिपोजिट यानी FD की ब्याज दरों को लेकर बैंकों के लिए ट्रांसपेरेंसी रूल्स कड़े किए हैं. तीन करोड़ रुपए और उससे ज्यादा के बल्क डिपोजिट पर बैंक को अपनी दरें स्पष्ट रूप से बतानी होंगी और उन्हें अपनी वेबसाइट पर तय समय के भीतर अपडेट करना होगा. हालांकि ध्यान रहे कि तीन करोड़ रुपए की सीमा 1 अक्टूबर से नई नहीं है.
4- महंगे होंगे एसी, टीवी और फ्रिज
कई कंपनियों ने एसी, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन की कीमतें बढ़ाने की बात कही है. कंपनियां इसके पीछे कच्चा माल, मेटल्स, भाड़ा और रुपये में उतार-चढ़ाव जैसी वजहें बता रही हैं. हालांकि यह कोई सरकारी प्राइस हाईक नहीं है और अलग-अलग कंपनियों में बढ़ोतरी अलग हो सकती है.
5- बदल सकते हैं एलपीजी-एटीएफ के दाम
ऑयल मार्केटिंग कंपनी हर महीने की पहली तारीख को कर्मशियल एलपीजी और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों की समीक्षा करती हैं. इसलिए एक अक्टूबर की सुबह नए रेट आने के बाद उन्हें भी अपडेट किया जाएगा.
6- जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र नियमों में बदलाव
21 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन पहले की तरह मुफ्त रहेगा, लेकिन अगर रजिस्ट्रेशन में ज्यादा देरी होती है तो अतिरिक्त वैरिफिकेशन और अधिकारियों की मंजूरी जरूरी होगी. एक साल से ज्यादा लेकिन दो साल के भीतर रजिस्ट्रेशन के लिए जिला अधिकारी, एसडीएम या अधिकृत एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट का ऑर्डर चाहिए होगा. दो साल से ज्यादा देरी पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के ऑर्डर की जरूरत होगी.
7- NRI से घर या जमीन खरीदना होगा आसान
एक अक्टूबर से निवासी व्यक्ति और HUF को NRI से प्रॉपर्टी खरीदते समय टीडीएस के लिए अलग टीएएन लेने की जरूरत नहीं होगी. PAN-आधारित रिपोर्टिंग के जरिए टीडीएस प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी.
8- NPS में भी नया बदलाव
एक अक्टूबर को एनपीएस स्वास्थ्य लॉन्च किया जाना है, जिसमें रिटायरमेंट के लिए बचत को स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लाभ से जोड़ने की व्यवस्था है. NPS से जुड़े पॉइंट ऑफ प्रेजेंस यानी PoP charges का नया फ्रेमवर्क भी लागू होगा.
9- बैंकिंग रिकॉर्ड से जुड़ा कानून भी लागू
बैंकिंग रिकॉर्ड से जुड़ा नया कानून भी एक अक्टूबर से लागू होगा. बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026 पुराने कानून की जगह लेगा. इसमें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल बैंक रिकॉर्ड को भी कानूनी फ्रेमवर्क में स्पष्ट जगह दी गई है.
10- विदेशी व्यापार करना हो जाएगा आसान
RBI विदेशी व्यापार (इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट) को आसान बनाने के लिए 1 अक्टूबर से FEMA के तहत एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है. अब विदेश से सामान मंगाने वाले भारतीय कारोबारियों को पेमेंट के लिए सरकारी या आरबीआई की तय की गई समय सीमा का दबाव नहीं झेलना पड़ेगा. बैंक अब भुगतान की समय सीमा आरबीआई के पुराने कड़े नियमों से नहीं, बल्कि कारोबारी और विदेशी सप्लायर के बीच हुए समझौते की शर्तों के आधार पर तय करेंगे. इससे कारोबारियों को डिफॉल्टर घोषित होने का डर खत्म होगा और वे अपनी शर्तों पर व्यापार कर सकेंगे.



